Shani Dev Puja: हिंदू धर्म में शनि देव को न्याय का देवता माना गया है। वे कर्मफल दाता हैं और व्यक्ति के कर्मों के अनुसार उसको फल प्रदान करते हैं। माना जाता है कि शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या में व्यक्ति अपने गलत कर्मों का फल भोगता है, जिस कारण उसे कष्ट मिलते हैं। शनि के इस प्रकोप को कम करने के लिए लोग शनिदेव के मंदिर जाते हैं और उनकी पूजा करते हैं। वहीं, कुछ लोग शनिदेव के पूजन में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिसके कारण उनकी समस्याएं दूर होने की बजाय बढ़ जाती हैं।
नहीं करना चाहिए प्रणाम
अक्सर जब भी हम मंदिर जाते हैं तो भगवान के सामने हाथ जोड़कर प्रणाम करते हैं, लेकिन शनि देव के सामने ऐसा कभी नहीं करना चाहिए। शनिदेव न्यायाधीश हैं, इस कारण उनको हाथ जोड़कर प्रणाम न करें। इसकी जगह उनके सामने झुकें और इस दौरान आप अपने दोनों हाथ कमर के पीछे रखें। बिल्कुल वैसे ही जैसे कोर्ट में जज के सामने किया जाता है। शनिदेव को इसी तरह से प्रणाम करना उनकी कृपा प्रदान करता है।
शनिदेव के सामने कभी भी खड़ा नहीं होना चाहिए। माना जाता है कि शनिदेव की दृष्टि क्रूर है। इस कारण उनकी दृष्टि के सामने कभी भी नहीं खड़ा होना चाहिए।
शनिदेव हमेशा ईमानदार व्यक्तियों का साथ देते हैं। इस कारण शनि कृपा पाने और अशुभ प्रभाव को दूर करने लिए हमेशा ईमानदार रहें और खूब मेहनत करें।
शनिदेव ऐसे लोगों को कभी भी माफ नहीं करते हैं, जो अपने दुर्बल या गरीबों का अपमान करते हैं। इस कारण शनिदेव की कृपा पाने के लिए सभी से विनम्र रहें।
- गलत कर्मों की मांगें क्षमा
शनिदेव के सामने जाने और अनजाने में किए गए गलत कर्मों के लिए क्षमा अवश्य मांगें। इसके साथ ही उन कर्मों की जीवन में कभी भी जानबूझकर पुनरावृत्ति न करें।
जो लोग अपने वचन के पक्के नहीं होते हैं, शनिदेव उनको बिल्कुल भी पसंद नहीं करते हैं। इस कारण शनिदेव का प्रसन्न रखने के लिए हमेशा अपने वादे के पक्के रहें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।