Sawan ke Upay: हिन्दू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। मान्यता है कि इस महीने में मनुष्य मात्र अपनी सच्ची श्रद्धा और निष्ठा से शिवजी को मनाकर अपने अभीष्ट फल को पा सकते हैं। यदि आप साढ़ेसाती या ढैय्या से पीड़ित हैं या आपकी कुंडली में गंभीर शनि दोष है, जिसके कारण जीवन की तरक्की रुक गयी हो, तो सावन के पवित्र महीने में शमी वृक्ष के पत्ते, फूल और लकड़ी के कुछ उपायों से भगवान शिव को प्रसन्न कर सकते हैं। बता दें, भगवान शिव और हनुमान जी दो ऐसे देव हैं, जिनकी पूजा शनिदेव भी करते हैं।
सावन में शमी के उपाय से लाभ
सावन के महीने में शमी के पेड़ की पूजा और और शमी से जुड़े उपाय का विशेष महत्व है। शमी के पेड़ को शनिदेव का प्रतीक माना जाता है, जिससे अनेक लाभ होते हैं। यह शनि दोष निवारण, समृद्धि, स्वास्थ्य और मन की शांति के लिए बहुत प्रभावी उपाय है। आइए जानते हैं, क्या हैं ये उपाय?
शनि दोष का निवारण: सावन के महीने में शनिवार को शिव मंदिर जाकर महादेव के दिव्य रूप शिवलिंग पर शमी वृक्ष की ताजी पत्तियां चढ़ाएं। इससे शनि दोष से मुक्ति मिलती है।
समृद्धि और धन लाभ: शाम के समय शिवलिंग पर शमी वृक्ष के फूल अर्पित करें। इससे धन लाभ होता है और जीवन में समृद्धि आती है।
कष्टों का निवारण: यदि जीवन में काफी कष्ट है, तो शनिवार को शिव मंदिर में नवग्रह लकड़ी से हवन करवाएं, जिसमें शनि की लकड़ी के तौर शमी के पेड़ की लकड़ी का इस्तेमाल करें। इस हवन पूजा से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-शांति मिलती है।
स्वास्थ्य लाभ: शमी के पेड़ के पत्ते को घी में डुबोकर शिवलिंग पर अर्पित करें। इस उपाय और पूजा से स्वास्थ्य लाभ होता है।
सावन में शमी के अन्य उपाय
- शमी के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं: सावन के महीने में हर शनिवार को शमी के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं।
- शमी के पत्ते जल में डालकर स्नान करें: शमी के पत्ते को जल में डालकर स्नान करने से शनि दोष का प्रभाव कम होता है।
- शमी के पत्ते को तिल के तेल में डुबोकर शनि देव को अर्पित करें: शमी के पत्ते को तिल के तेल में डुबोकर शनि देव को अर्पित करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं।
- शमी के पेड़ की परिक्रमा करें: शमी के पेड़ की परिक्रमा करने से मन शांत होता है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
- शमी के पत्ते को तिजोरी में रखें: शमी के पत्ते को तिजोरी में रखने से धन लाभ होता है।
- हनुमान जी की प्रतिमा: शमी के पेड़ के नीचे हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- शनिदेव की मूर्ति: शमी के पेड़ के नीचे शनिदेव की मूर्ति स्थापित करें और शनिदेव का मंत्र जाप करें।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी अंक ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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