Sawan 2024: हिंदू पंचांग का पांचवां महीना सावन भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित है। इस पवित्र महीने को भक्ति, शुद्धि और आध्यात्मिकता के विकास का समय माना गया है। यह महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है, इसलिए इन दौरान उनकी पूजा से विशेष फल प्राप्त होते हैं। आइए इस मौके पर जानते हैं, उत्तर प्रदेश के 7 प्रसिद्ध शिव मंदिरों के बारे में, जिनके लिए कहा जाता है कि यहां दर्शन और शिवलिंग के जलाभिषेक से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।
गोला गोकर्णनाथ मंदिर
गोला गोकर्णनाथ धाम को छोटा काशी भी कहते हैं। यह शिवधाम उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में गोला तहसील में स्थित है। मान्यता है कि यह शिवलिंग लंका के राजा महान शिवभक्त रावण यहां से लेकर गुजर रहे थे, लेकिन पेशाब लगने के कारण उन्होंने शिवलिंग को जमीन पर रख दिया, जिसके बाद वे उसे जमीन से हिला भी न पाए। कहते हैं, इस शिवलिंग के दर्शन मात्र से अभीष्ट फल की प्राप्ति होती है।
काशी विश्वनाथ मंदिर
काशी विश्वनाथ मंदिर एक विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग मंदिर है। पौराणिक मान्यता है कि यूपी की पवित्र नगरी बनारस में स्थित इस मंदिर के शिव ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से पाप मिट जाते हैं और रोग-शोक से मुक्ति मिल जाती है। बनारस यानी काशी को भगवान शिव की नगरी है। कहते हैं, यह नगर भगवान शंकर के त्रिशूल पर टिकी हुई है।
लोधेश्वर महादेव मंदिर
लोधेश्वर महादेव कानपुर का प्रसिद्ध मंदिर है। कहते हैं, इस मंदिर की स्थापना अपने अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने की थी। सावन के महीने में श्रद्धालु बिठुर और कानपुर से गंगाजल लेकर लोधेश्वर महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।
मनकामेश्वर मंदिर
यह मंदिर प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर सरस्वती घाट के पास यमुना नदी के तट पर स्थित है। यहां भगवान शिव को संगम जल से स्नान कराया जाता है। सावन में पूरे यूपी से लोग यहां आते हैं और दर्शन-जलाभिषेक कर मन्नत मांगते हैं।
खेरेश्वर मंदिर
यह मंदिर कानपुर शिवराजपुर कसबे में स्थित है। कहते हैं, मंदिर खुलने पर यहां शिवलिंग पर फूल और जल चढ़ा मिलता है। मान्यता है कि अश्वत्थामा यहां हर रोज पूजा करने आते हैं। सावन में बड़ा मेला लगता है। सरैया घाट के किनारे महाकालेश्वर मंदिर राजा शिवराज सिंह ने निर्मित कराया था। इसमें 52 दरवाजे होने के कारण इसे 52 दरवाजा का मंदिर भी कहते हैं।
बाबाधाम मंदिर
बाबाधाम मंदिर को पूर्वांचल का काशी भी कहा जाता है। यह मंदिर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में स्थित है। सावन के महीने में बाबा धाम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। साथ ही यहां गुरु गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना से भी लाभ होता है।
गढ़मुक्तेश्वर मंदिर
उत्तर प्रदेश का अति-प्राचीन यह मंदिर हापुड़ जिले के बृजघाट के पास गंगा नदी के तट पर स्थित है। इस शिवधाम का उल्लेख भागवत पुराण और महाभारत में भी हुआ है। कहते यहां स्थापित शिवलिंग की स्थापना भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम ने की थी।
इन प्रसिद्ध सात शिवधाम के अलावा आगरा में स्थित बटेश्वर नाथ मंदिर, गाजियाबाद में स्थित दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर और भदोही में स्थित बाबा गंगेश्वरनाथ धाम का भी काफी महत्व है, जहां भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोरथ पूरे होते हैं।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित हैं और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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