गुस्सा-दुख भी है एक तरह की गुलामी... जानें सदगुरु ने ऐसा क्यों कहा?

ऐसे बहुत से लोग हैं जो बहुत जल्दी निराश हो जाते हैं गुस्सा करने लगते हैं और छोटी-छोटी बातों से दुखी हो जाते हैं। आइए जानते हैं कि सद्गुरु के अनुसार, इसे गुलामी क्यों कहा जाता है।

गुस्सा-दुख भी है एक तरह की गुलामी... जानें सदगुरु ने ऐसा क्यों कहा?
विज्ञापन

Sadhguru Viral Video: ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति का गुस्सा, निराशा और दुख गुलामी के समान होते हैं। कुछ समय का गुस्सा भी आपके जीवन और आपके रिश्तों में बड़ी अड़चन पैदा कर सकता है। इस विषय पर सद्गुरु कहते हैं कि क्रोध और दुख व्यक्ति की आंतरिक गुलामी के प्रतीक हैं। उनका तात्पर्य यह है कि जब हम अपनी भावनात्मक प्रतिक्रियाओं पर नियंत्रण खो बैठते हैं और बाहरी परिस्थितियां हमारे भीतर क्रोध या दुख उत्पन्न करती हैं, तो इसका मतलब है कि हमारी भावनाओं की बागडोर हमारे हाथ में नहीं, बल्कि दूसरों के हाथों में है। यही स्थिति वास्तव में आंतरिक गुलामी है।

सद्गुरु कहते हैं आपका गुस्सा, निराशा और दुख अगर कोई और तय कर रहा है  यानी आपके भीतर क्या होना चाहिए, यह कोई बाहरी व्यक्ति या परिस्थिति नियंत्रित कर रही है  तो यह सबसे भयानक किस्म की गुलामी है। यह आप तय करें कि आपके भीतर क्या होना चाहिए, न कि कोई और। वे कहते हैं कि हमारे आसपास की चीजों और लोगों की अपनी-अपनी राय होती है, और हम बाहरी परिस्थितियों को थोड़ा बहुत बदलने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन जो कुछ हमारे भीतर हो रहा है, वह पूरी तरह हमारे हाथ में है। यदि व्यक्ति यह तय कर ले कि “मेरे भीतर वही होगा जो मैं चाहता हूं तो वह अपने मन और भावनाओं को एक अत्यधिक सुखद और शांत अवस्था में रख सकता है। जब व्यक्ति भीतर से पूर्णतः खुश होता है, तो बाहरी समस्याएं उसकी जीवन दिशा तय नहीं कर सकतीं।

Advertisment

सद्गुरु के अनुसार, सच्चा आत्मस्वामी वही होता है जो हर परिस्थिति में अपने भावों पर नियंत्रण रख सके। अगर कोई व्यक्ति दूसरों की बातों, व्यवहार या किसी परिस्थिति से दुखी या क्रोधित हो जाता है,
तो वास्तव में वह उस परिस्थिति का गुलाम बन जाता है। आत्मज्ञान और ध्यान के अभ्यास से ही हम भीतर की स्वतंत्रता प्राप्त कर सकते हैं — जहां क्रोध और दुख हमारे जीवन को नियंत्रित नहीं करते, बल्कि हम स्वयं अपने मन के स्वामी बन जाते हैं।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ