Rath Saptami 2026 Today: आज हुआ था भगवान सूर्य का जन्म, रथ सप्तमी पर करें ये 3 उपाय, पूरे साल रहेंगे निरोग

Rath Saptami 2026 Today: आज रविवार 25 जनवरी, 2026 को रथ सप्तमी मनाई जा रही है, जो भगवान सूर्य की उत्पत्ति होने का पावन दिन माना जाता है. आइए इस मौके जानते हैं, इस दिन का महत्व और 3 खास उपाय, जो जो पूरे वर्ष निरोग रखने में मददगार माने जाते हैं.

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Rath Saptami 2026 Today: रथ सप्तमी हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन पर्व है, जो भगवान सूर्य को समर्पित है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान सूर्य का अवतरण हुआ था. कहते हैं, उनके प्रकट होने से पहले इस संसार में अंधकार व्याप्त था और उनके प्राकट्य से ही संसार प्रकाशमान हुआ. रथ सप्तमी को भानु सप्तमी भी कहा जाता है.

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साल 2026 में रथ सप्तमी का पर्व आज 25 जनवरी, रविवार को मनाया जा रहा है. रविवार को रथ सप्तमी का पड़ना बहुत ही दुर्लभ और विशेष शुभ माना जाता है, क्योंकि रविवार स्वयं सूर्यदेव का दिन होता है. आइए जानते हैं, इस मौके पर किए जाने वाले कुछ खास शक्तिशाली उपाय व्यक्ति को नेतृत्व क्षमता, तेजस्वी व्यक्तित्व और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करते हैं.

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रथ सप्तमी पर बन रहे हैं 5 शुभ संयोग

रथ सप्तमी के अवसर पर इस वर्ष 5 अत्यंत शुभ संयोग बन रहे हैं. रथ सप्तमी को भानु सप्तमी भी कहा जाता है. पंचांग के अनुसार, जब किसी माह के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़ती है, तब भानु सप्तमी मनाई जाती है. इस बार की भानु सप्तमी विशेष रूप से फलदायी मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन 5 शुभ योगों का निर्माण हो रहा है.

रथ सप्तमी के दिन पहला शुभ संयोग रवि योग का बन रहा है. दूसरा महत्वपूर्ण संयोग सर्वार्थ सिद्धि योग है, जो सभी कार्यों में सफलता प्रदान करने वाला माना जाता है. तीसरा शुभ संयोग सिद्ध योग का है. चौथा शुभ योग साध्य योग के रूप में बन रहा है. वहीं पांचवां विशेष संयोग रेवती और अश्विनी नक्षत्र के संयुक्त प्रभाव से निर्मित हो रहा है, जो इस दिन के महत्व को और बढ़ा देता है.

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आरोग्य सप्तमी

रथ सप्तमी को आरोग्य सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि इस दिन सूर्य की किरणों में विशेष औषधीय गुण होते हैं, जो शरीर को निरोगी बनाते हैं और रोगों से मुक्ति प्रदान करते हैं. इस अवसर पर भक्त प्रातःकाल सूर्योदय से पूर्व पवित्र नदियों में स्नान करते हैं.

दक्षिण भारत में स्नान के समय सिर और कंधों पर अर्क (मदार) के पत्ते रखने की परंपरा प्रचलित है, जिसे पापों के क्षय और उत्तम स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है. स्नान के उपरांत तांबे के पात्र से उगते सूर्य को जल, अक्षत एवं लाल पुष्प अर्पित किए जाते हैं. हिंदू धर्म में भगवान सूर्य को आरोग्य और स्वास्थ्य प्रदान करने वाले देवता के रूप में विशेष स्थान प्राप्त है.

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करें ये उपाय

पूरे साल में रथ सप्तमी को सूर्य दोष निदान, नेतृत्व क्षमता, तेजस्वी व्यक्तित्व, उत्तम स्वास्थ्य और सेहत से संबंधित समस्याओं के समाधान के उपाय और टोटके करने एक बेस्ट दिन माना जाता है. रथ सप्तमी सूर्य ऊर्जा ग्रहण का श्रेष्ठ दिन है, जब ज्योतिष और आयुर्वेद अनुसार किए उपाय सूर्य को बल देते हैं, साथ ही ओज और मानसिक स्पष्टता भी बढ़ाते हैं. आइए जानते हैं, कुछ शक्तिशाली लेकिन आसान उपाय जो हेल्थ पर बेहद सकारात्मक असर डालते हैं.

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अर्क पत्र स्नान

सात आक के ताजे पत्ते लें. हर पत्ते पर थोड़ा अक्षत और कुमकुम लगाएं. स्नान करते समय इन पत्तों को शरीर पर रखें और मन में सूर्य देव का स्मरण करें. यह उपाय पुराने रोगों से राहत देता है और त्वचा में प्राकृतिक चमक लाने में सहायक माना जाता है.

आदित्य हृदय पाठ

सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में जल भरें. उसमें लाल फूल और थोड़ा सा केसर डालें. उगते सूर्य को देखकर तीन बार आदित्य हृदय स्तोत्र या “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें. बाद में उस जल की कुछ बूंदें प्रसाद रूप में लें. इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और हृदय को बल मिलता है.

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सूर्य नमस्कार व अग्नि मुद्रा

रथ सप्तमी पर बारह सूर्य नमस्कार करें. फिर पांच मिनट अग्नि मुद्रा (अनामिका उंगली को अंगूठे की जड़ में लगाकर दबाना) में शांत बैठें. इससे पाचन सुधरता है, सुस्ती घटती है और शरीर में ऊर्जा बढ़ती है. व्यक्ति अधिक सक्रिय महसूस करता है और स्वास्थ्य लाभ पाता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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