राजस्थान के दौसा जिले में हनुमान जी को समर्पित स्थित प्रसिद्ध मंदिर है. यह मंदिर चमत्कारी माना जाता है. यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है. बजरंगबली को समर्पित मेहंदीपुर बालाजी मंदिर भूत-प्रेत बाधाओं से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है. अगर किसी के ऊपर नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव होता है तो इस मंदिर में दर्शन करने और अर्जी लगाने से इससे छुटकारा मिलता है. यहां पर प्रेतराज सरकार और भैरव बाबा के दर्शन करने से लाभ मिलता है. प्रेतराज सरकार के दरबार में अर्जी लगाने से व्यक्ति की मुश्किलों का अंत होता है.
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, राजस्थान
राजस्थान के इस मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में हनुमान जी बाल स्वरूप में विराजमान हैं. हनुमान जी के बाल स्वरूप को बालाजी के नाम से जानते हैं. उनका बालाजी स्वरूप मासूमियत और अपार शक्ति का प्रतीक माना जाता है. मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में हनुमान जी के साथ ही प्रेतराज सरकार और भैरव बाबा की पूजा की जाती है. यह मंदिर करीब 1000 सालों से अधिक पुराना माना जाता है. मंदिर में मौजूद हनुमान जी की प्रतिमा के हृदय से छोटी सी जलधारा निरंतर निकलती है. भक्त इसे चरणामृत के रूप में लेते हैं. यह मंदिर इसी प्रकार चमत्कारों और रहस्यों से घिरा है.
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भूत-प्रेत और बाधाओं से मुक्ति का केंद्र
बता दें कि, मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में लोग दूर-दूर से दर्शन के लिए आते हैं. ऐसे लोग जो भूत-प्रेत और नकारात्मक शक्तियों से परेशान हैं वह इससे मुक्ति के लिए यहां आते हैं. इस मंदिर में दर्शन करने और अर्जी लगाने से ऊपरी चक्कर, जादू-टोना और प्रेत बाधाओं से मुक्ति मिलती है. मंदिर में 2 बजे के बाद कीर्तन होता है और प्रेत-बाधा से पीड़ित लोगों की पेशी होती है. भक्तों के बीच ऐसी मान्यता है कि, खुद बालाजी महाराज भक्तों की परेशानियों को दूर करते हैं.
मंदिर से जुड़े नियम और रहस्य
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में प्रेतराज सरकार और भैरव बाबा बुरी आत्माओं को सजा देते हैं. इस मंदिर में मौजूद नकारात्मक शक्तियों से प्रभावित लोग अजीबोगरीब हरकतें करते हैं. इस मंदिर के प्रसाद को लेकर कड़े नियम हैं. मंदिर में दर्शन के बाद कोई भी प्रसाद घर लेकर जाने की मनाही है. मंदिर से प्रसाद, पानी, या कोई भी चीज घर ले जाना सख्त मना है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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