Putrada Ekadashi 2026 Today: हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पुत्रदा एकादशी व्रत मनाया जाता है. आज 23 अगस्त को सावन पुत्रदा एकादशी व्रत है. यह दिन संतान प्राप्ति के लिए और संतान के सुखी जीवन के लिए करना बेहद ही शुभ और फलदायी होता है. आप सावन पुत्रदा एकादशी पर व्रत और पूजन कर रहे हैं, तो इसके साथ ही व्रत कथा का पाठ अवश्य करें. पुत्रदा एकादशी का व्रत इस कथा के बिना अधूरा माना जाता है. आप यहां पुत्रदा एकादशी व्रत कथा पढ़ सकते हैं.
पुत्रदा एकादशी व्रत कथा (Putrada Ekadashi Vrat Katha)
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भद्रावती नामक नगरी में सुकेतुमान नाम का राजा रहता था. उनकी पत्नी का नाम शैव्या था. उनके कोई संतान नहीं थी. इसके कारण वह चिंतित रहते थे. राजा को भाई, बांधव, धन, राज्य और मंत्री इन सभी में से किसी से भी संतोष नहीं होता था. वह हमेशा यहीं सोचते थे, कि मेरे मरने के बाद पिंडदान कौन करेगा. बिना पुत्रों के पितरों और देवताओं का ऋण मैं कैसे पूरा होगा. बिना संतान के घर में हमेशा अंधेरा ही रहता है. इसी कारण राजा सुकेतुमान रात-दिन चिंता में लगे रहते थे.
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राजा ने अपनी चिंता के कारण एक दिन शरीर का त्याग करने का निश्चय किया. राजा इस विचार के साथ घोड़े पर सवार होकर वन में चले गए. इसके बाद उन्होंने वहां हिरण, शेर, बंदर, सर्प आदि को भ्रमण करते देखा. हाथी को अपने बच्चों और हथिनियों के बीच घूमते हुए देखा. इस प्रकार राजा का आदा दिन निकल गया. इसके बाद उन्हें प्यास लगी. वह प्यास के मारे अत्यंत दु:खी गए और पानी की तलाश में इधर-उधर फिरने लगे. उन्हें एक सरोवर दिखा. सरोवर के चारों तरफ मुनियों के आश्रम बने हुए थे.
मुनियों ने बताया पुत्रदा एकादशी का महत्व
राजा जब वहां पहुंचे, तो उनके दाहिने अंग फड़कने लगे. इसके बाद उन्होंने इसे शुभ संकेत समझकर मुनियों से मिलने का विचार किया. राजा घोड़े से उतरकर मुनियों को दंडवत प्रणाम करके बैठ गए. राजा को देखकर मुनियों ने कहा, राजन हम तुमसे प्रसन्न हैं. तुम्हारी क्या इच्छा है. तब राजा ने बताया कि, आप कौन है और किसलिए आए हैं. मुनियों ने राजा को बताया कि, आज संतान देने वाली पुत्रदा एकादशी है. हम लोग विश्वदेव हैं और इस सरोवर में स्नान करने के लिए आए हैं. मुनियों के कहने पर राजा ने पुत्रदा एकादशी व्रत किया. कुछ समय बाद पत्नी का गर्भधारण हुआ और उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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