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Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष के दौरान क्या सच में पृथ्वी पर आते हैं पूर्वज? जानिए दानवीर कर्ण से जुड़ी पौराणिक कथा

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष के दौरान पितरों का तर्पण और श्राद्ध किया जाता है. पितृ पक्ष को लेकर ऐसी मान्यता है कि, इस दौरान पितृ पृथ्वी पर आते हैं. इससे जुड़ी दानवीर कर्ण की पौराणिक कथा जानते हैं.

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पितृ पक्ष से जुड़ी पौराणिक कथा (Photo Credit - AI)

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पितरों का स्मरण और तर्पण किया जाता है. इस साल 26 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा के साथ पितृ पक्ष का आरंभ हो चुका है. इसका समापन 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या के दिन हो जाएगा. पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय पितृ पृथ्वी पर आते हैं. लोग पूर्वजों का श्राद्ध कर्म कर पितरों को आभार प्रकट करते हैं. पितृ पक्ष की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है.

पितृ पक्ष से जुड़ी पौराणिक कथा

पितृ पक्ष की कहानी को महाभारत काल के कर्ण से जुड़ा माना जाता है. महाभारत काल में कर्ण को बहुत ही दानवीर माना गया है. उन्होंने कभी भी किसी जरूरतमंद याचक को खाली हाथ नहीं लौटाया इसी वजह से उन्हें ‘दानवीर कर्ण’ के रूप में जाना जाता है. जब कर्ण की मृत्यु हुई तो, उनकी आत्मा स्वर्ग गई. वहां पर उन्हें खाने के लिए सोना और गहने दिए गए.

ये भी पढ़ें – Sarva Pitru Amavasya 2026: कब है सर्वपितृ अमावस्या? जानिए सही तारीख और श्राद्ध कर्म के लिए शुभ मुहूर्त

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कर्ण ने इसके बारे में इंद्र देव से पूछा तब उन्होंने बताया कि, आपने अपने पूरे जीवनकाल में हमेशा दूसरों को सोने के आभूषण दान किए हैं. कभी भी तुमने अपने पूर्वजों को अन्न का दान नहीं किया. कर्ण ने बताया कि, वह पूर्वजों के बारे में कुछ नहीं जानता है. कर्ण की बात सुनने के बाद भगवान इंद्र ने कर्ण को 15 दिनों के लिए पृथ्वी पर वापस भेजा. इस दौरान कर्ण ने पूर्वजों को भोजन दान किया. इसी समय को पितृ पक्ष के 15 दिन माना जाता है.

क्या पृथ्वी पर आते हैं पितृ?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान यमराज पितरों को मुक्त कर देते हैं. इस दौरान सभी पितृ पृथ्वी पर अपने परिजनों के बीच आते हैं. पितृ सूक्ष्म रूप में पृथ्वी पर आते हैं और जल, तर्पण, पिंडदान और भोजन ग्रहण करते हैं. हालांकि, पितरों के पृथ्वी पर आने को लेकर कोई पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. बता दें कि, पितृ पक्ष में श्राद्ध करने, ब्राह्मणों को भोजन कराने से पितृ प्रसन्न होते हैं. इससे जीवन में सुख, शांति और वंश वृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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