हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

Pitru Paksha 2026: श्राद्ध का भोजन कराने के लिए कौवा ना मिले तो क्या करें? जानिए धार्मिक मान्यताएं

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध का भोजन कौवे को खिलाने का खास महत्व है. पंचबलि श्राद्ध के लिए आपको कौवा नहीं मिल रहा है तो, ऐसे में क्या करें इसके बारे में यहां जानते हैं.

विज्ञापन
पितृ पक्ष 2026 (Photo Credit - AI)

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष के दौरान पितरों का श्राद्ध करने के साथ ही पंचबलि श्राद्ध करना जरूरी माना जाता है. पंचबलि के अनुसार श्राद्ध के भोजन को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर जीवों और देवताओं को कराया जाता है. पंचबलि का भोजन गाय, कुत्ते, कौवे, चींटी और देवताओं को खिलाया जाता है. इन सभी में से कौवे को भोजन कराने को बहुत ही जरूरी माना जाता है. हालांकि, आजकल शहरों में पक्षी और कौवे कम देखने को मिलते हैं. ऐसे में क्या करना चाहिए, आइये इसके बारे में जानते हैं.

कौवा ना मिले तो क्या करें?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कौवे को पितरों का संदेशवाहक माना जाता है. पितृ पक्ष में कौवे को भोजन कराने से सीधा पितरों तक पहुंचता है. ऐसी मान्यता है कि, पितृ पक्ष में पितृ कौवे के रूप में श्राद्ध का भोजन स्वीकार करते हैं. ऐसे में पितरों का भोजन कराने से पितृ प्रसन्न होते हैं. हालांकि, आपको अगर पितृ पक्ष में भोजन कराने के लिए कौवा नहीं मिल रहा है तो, ऐसे में पंचबलि के अन्य जीवों को भोजन कराना चाहिए.

ये भी पढ़ें – Shardiya Navratri 2026: 11 अक्टूबर को होगा शारदीय नवरात्रि का आरंभ, जानिए घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

विज्ञापन

पंचबलि श्राद्ध के लिए भोजन को देवता, गाय, कुत्ता, कौवा और चींटी के लिए निकालना चाहिए. सभी को भोजन कराकर पंचबली की परंपरा को निभाए. अगर कौवा नहीं मिल रहा है. ऐसे में कौवे के हिस्से के भोजन को गाय का कुत्ते को करा सकते हैं. आप इस तरह से पंचबलि भोग की परंपरा को निभा सकते हैं. श्रद्धा और समर्पण भाव के साथ श्राद्ध करने से पितृ प्रसन्न होते हैं.

सर्वपितृ अमावस्या का श्राद्ध (Sarva Pitru Amavasya)

पितृ पक्ष के दौरान सर्वपितृ अमावस्या का दिन खास होता है. सर्वपितृ अमावस्या इस साल 10 अक्टूबर को है. अगर किसी को अपने पूर्वजों की मृत्यु की तिथि के बारे में नहीं पता है. ऐसे में वह सर्वपितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध कर्म कर सकता है. इसे पितृ पक्ष अमावस्या के नाम से भी जानते हैं. सर्वपितृ अमावस्या पर अज्ञात पूर्वजों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है. इस दिन श्राद्ध करने से समस्त पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद मिलता है.

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यातओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola