Phulera Dooj Upay: मथुरा-वृन्दावन में फुलेरा दूज का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, जिस दिन श्रीकृष्ण और राधा रानी की पूजा जाती है। इसके साथ ही इस दिन ब्रज में श्रीकृष्ण और राधा रानी के साथ फूलों की होली खेली जाती है यानी उन्हें रंग-बिरंगे फूल अर्पित किए जाते हैं। फुलेरा दूज पर कोई भी मांगलिक कार्य करना शुभ माना जाता है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार फाल्गुन माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का आरंभ 01 मार्च 2025 को प्रात: काल 03:16 मिनट से हो रहा है, जिसका समापन 02 मार्च 2025 को प्रात: काल 12:09 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर इस बार फुलेरा दूज का पर्व 01 मार्च 2025 को मनाया जाएगा। चलिए जानते हैं फुलेरा दूज के दिन श्रीकृष्ण और राधा रानी को प्रसन्न करने के लिए कौन-कौन से उपाय करने लाभदायक रहेंगे।
01 मार्च 2025 के शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय- सुबह 6:52
- ब्रह्म मुहूर्त- प्रात: काल 05:15 से सुबह 06:03 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त- शाम में 6:26 से लेकर 6:51 मिनट तक
- अभिजीत मुहूर्त- दोपहर में 12:15 से 01:02 मिनट तक
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फुलेरा दूज की पूजा विधि
- फुलेरा दूज के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
- श्री राधा-कृष्ण का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
- घर के मंदिर में श्री राधा-कृष्ण की मूर्ति को स्थापित करें। मूर्ति को गंगाजल से स्नान कराएं। गोपी चंदन का तिलक करें और नए वस्त्र पहनाएं।
- देवी-देवताओं को धूप, दीप, फल, फूल, नैवेद्य और अक्षत अर्पित करें।
- पंचामृत, माखन-मिश्री, खीर और मिठाई का भोग देवी-देवताओं को लगाएं।
- अंत में आरती करके पूजा का समापन करें।
फुलेरा दूज के उपाय
- शास्त्रों के अनुसार, फुलेरा दूज के दिन श्री कृष्ण और राधा रानी की सच्चे मन से पूजा और उन्हें रंग-बिरंगे फूल, फल और खीर अर्पित करना शुभ माना जाता है। इससे दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है।
- फुलेरा दूज के दिन श्री कृष्ण और राधा रानी को पीले फूल, पीले वस्त्र, बेसन के लड्डू और माखन-मिश्री अर्पित करने से जीवन में प्रेम बढ़ता है। वहीं जो लोग सिंगल हैं, उन्हें जल्द ही उनका सच्चा प्यार मिल सकता है।
- विवाहित लोग यदि फुलेरा दूज के दिन श्री कृष्ण और राधा रानी को लाल जोड़ा, बिंदी, मेहंदी, सिंदूर, काजल, मांग टीका, चूड़ियां, गजरा, नथ, बाजूबंद, झुमके, अंगूठी, बिछिया, पायल, मंगलसूत्र और कमरबंद यानी 16 श्रृंगार का सामान अर्पित करते हैं, तो इससे उनके प्रेम जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बढ़ती है। 16 श्रृंगार का सामान यदि सिंगल जातक राधा रानी और कृष्ण जी को अर्पित करते हैं, तो इससे उनका विवाह जल्द तय हो सकता है।
- राधा-कृष्ण जी को प्रेम का प्रतीक माना जाता है, जिन्हें गुलाल और इत्र अर्पित करने से जीवन में प्यार बढ़ता है और रिश्तों में मजबूती आती है।
- फुलेरा दूज के दिन यदि व्यक्ति राधा कृष्ण जी की प्रतिमा के सामने बैठकर 11 बार श्री राधा कृपा कटाक्ष स्तोत्र और कृष्ण कृपाक्ष का पाठ करते हैं, तो इससे उनकी सभी मनोकामाएं पूरी हो सकती हैं।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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