Phulera Dooj 2025: फुलेरा दूज हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है। यह त्योहार खासतौर पर उत्तर भारत, खासकर ब्रज क्षेत्र के मथुरा, और वृंदावन में धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन श्रीकृष्ण और राधा की होली से जुड़ा हुआ माना गया है और इस त्योहार को ब्रज में होली की तैयारियों की शुरुआत माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की पूजा की जाती है, उन्हें गुलाल अर्पित किया जाता है और मंदिरों में रंग-गुलाल उड़ाए जाते हैं।
एक अबूझ मुहूर्त है फुलेरा दूज
वैष्णव संप्रदाय और राधा-कृष्ण के साधकों और भक्तों के लिए फुलेरा दूज काफी महत्व रखता है। यह दिन प्रेम, भक्ति और रंगों से भरा होता है और होली के उत्साह को बढ़ाने का कार्य करता है। इसके साथ ही इस दिन का हर क्षण शुभ और पवित्र माना गया है और इस दिन बिना मुहूर्त देखे सारे मंगल काम किए जाते हैं। प्रचलित परंपरा और रिवाजों के अनुसार, इस दिन बिना किसी विशेष मुहूर्त देखे शादी और अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
फुलेरा दूज के दिन न करें ये गलतियां
फुलेरा दूज को बहुत शुभ दिन माना जाता है, लेकिन इस दिन कुछ गलतियां करने से शुभ फल नहीं मिलते। यहां वे 5 गलतियां दी गई हैं, जो इस दिन भूलकर भी नहीं करनी चाहिए। माना जाता है कि जो भक्त या साधक ये गलतियां करते हैं, उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के क्रोध का कोप झेलना पड़ता है। आइए जाने हैं, क्या हैं गलतियां?
1- फुलेरा दूज के दिन भूलकर भी किसी का अपमान न करें, खासतौर पर अपने प्रियजन, लाइफ पार्टनर और लव पार्टनर का, क्योंकि ऐसा करने से जीवन में प्रेम प्राप्ति में बाधा आती है, संभव है कि ऐसा करने वाले को कभी सच्चा प्रेम नहीं मिलता है।
2- फुलेरा दूज के दिन राधा-कृष्ण को गुलाल अर्पित किया जाता है, इसलिए इस दिन गुलाल का अपमान न करें और इसे अपने पैरों के नीचे आने से बचाएं।
3- इस दिन तामसिक भोजन, जैसे मांस, मछली, अंडा आदि का सेवन न करें और सात्त्विक आहार ग्रहण करें। इसके साथ ही मदिरा (शराब), भांग, गांजा, तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहना चाहिए, नहीं तो आपको भगवान श्रीकृष्ण के क्रोध के कोप का सामना करना पड़ सकता है।
4- यह दिन प्रेम, भक्ति, समर्पण और आपसी विश्वास का प्रतीक है तथा भगवान श्रीकृष्ण की आराधना के लिए समर्पित है, इसलिए इस दिन घर में किसी भी प्रकार का क्लेश न करें।
5- फुलेरा दूज रंगों और खुशियों का त्योहार है, इसलिए इस दिन काले या गहरे उदास रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। इस दिन हल्के और उज्ज्वल रंग जैसे गुलाबी, पीला, सफेद या हरा पहनना शुभ माना गया है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।