Paush Putrada Ekadashi Upay 2025: जगत के पालनहार भगवान विष्णु के भक्तों के लिए एकादशी के व्रत का खास महत्व है. मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा-पाठ से विष्णु जी खुश जरूर होते हैं. हालांकि, जो लोग सालभर एकादशी का व्रत नहीं रख पाते हैं, वो वर्ष की पहली और आखिरी एकादशी पर उपवास जरूर रखते हैं. 30 दिसंबर 2025 को इस बार साल की आखिरी एकादशी ‘पौष पुत्रदा’ का व्रत रखा जा रहा है. हालांकि, वैष्णव परंपरा से जुड़े लोग 31 दिसंबर 2025 को पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने वाले हैं.
धार्मिक मान्यता के अनुसार, पौष पुत्रदा एकादशी के दिन उपवास और पूजा-पाठ के अलावा कुछ विशेष उपायों को करने से श्रीहरी खुश होते हैं और भक्तों को संकटों से बचाते हैं. आज हम आपको वैदिक शास्त्रों में बताए गए उन 3 प्रभावशाली उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें पौष पुत्रदा एकादशी पर करने से 2026 में भी आप पर श्रीहरि मेहरबान रहेंगे.
पौष पुत्रदा एकादशी के उपाय
गृह क्लेश से छुटकारा पाने का उपाय-
यदि आपके घर में आएदिन लड़ाई-झगड़े होते हैं या आप अपनी मैरिड लाइफ से खुश नहीं हैं तो पौष पुत्रदा एकादशी के दिन विष्णु जी की पूजा के दौरान उन्हें तुलसी का पत्ता अर्पित करें. साथ ही तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और श्रृंगार के 11 सामान चढ़ाएं. इसके बाद पौधे पर लाल चुनरी चढ़ाएं और आरती करें. इस दौरान विष्णु मंत्र का जाप करें और अपने परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें.
अनहोनी घटना के भय से मुक्ति पाने का उपाय-
यदि आपका हर समय मन बेचैन रहता है या अनहोनी घटना का डर बना रहता है तो पौष पुत्रदा एकादशी के दिन सुबह विष्णु जी की पूजा करने के बाद गरीबों को वस्त्र, दाल, केले या केसर आदि पीली चीजों का दान करें. इससे न सिर्फ आपको मानसिक शांति मिलेगी, बल्कि पुण्य भी मिलेगा.
धन से छुटकारा पाने का उपाय-
धन प्राप्ति के लिए पौष पुत्रदा एकादशी के शुभ दिन विष्णु जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने बैठकर ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का 3 माला यानी 324 बार जाप करें. मंत्र जाप करने के बाद जाने-अनजाने में किए गए पापों के लिए माफी मांगें और अपने खुशहाल जीवन की प्रार्थना करें. ऐसा करने से न सिर्फ आपकी आर्थिक स्थिति को बल मिलेगा, बल्कि घर-परिवार में खुशहाली भी बनी रहेगी.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.