Navratri 2024: गुड़हल फूल के इन 5 उपायों से प्रसन्न होंगी देवी दुर्गा, खुल जाएगा बंद किस्मत का ताला!

Navratri 2024: नवरात्रि के दिनों में भक्त और साधक मां दुर्गा को प्रसन्न कर सौभाग्य, समृद्धि, शक्ति, स्वास्थ्य और शांति का वरदान पाने के लिए अनेक तरह से पूजा और उपाय करते हैं। उनमें से गुड़हल फूल से जुड़े उपायों को बेहद शक्तिशाली माना गया है। आइए जानते हैं, इस फूल से जुड़े 5 प्रभावकारी उपाय।

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Navratri 2024: हिन्दू धर्म में गुड़हल फूल का संबंध देवी दुर्गा से माना गया है। बंगाल, असम, झारखंड, ओडिशा और बिहार की दुर्गा पूजा में देवी मां की पूजा और श्रृंगार में इस फूल को विशेष महत्व दिया जाता है। इस कारण से इसे ‘देवी फूल’ भी कहते हैं। इसका एक नाम अड़हुल या ओड़हुल फूल भी है। यूं तो यह अनेक रंगों में होता है, लेकिन लाल रंग के गुड़हल फूल माता को विशेष रूप से प्रिय हैं।

गुरुवार 3 अक्टूबर, 2024 से नवरात्रि शुरू हो चुकी है। इस शुभ मौके पर साधक और भक्त माता रानी को खुश करने के लिए अनेक उपाय और टोटके करते हैं। उनमें से गुड़हल फूल से जुड़े उपायों को बेहद शक्तिशाली माना गया है। आइए जानते हैं, देवी मां को प्रसन्न करने के इस गुड़हल फूल से जुड़े 5 प्रभावशाली उपाय, जिसके बारे कहा जाता है कि इससे बंद किस्मत का ताला भी खुल जाता है।

स्वामी रामकृष्ण परमहंस मिली थी सिद्धियां

अनेक हिन्दू धर्मग्रंथों में गुड़हल के फूल का उल्लेख मिलता है। इस फूल को देवी दुर्गा के सौंदर्य और शक्ति का प्रतीक भी माना गया है। मान्यता है कि इसे देवी दुर्गा को चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सफलता मिलती है। कहा जाता है कि स्वामी रामकृष्ण परमहंस ने अपनी साधना और पूजा में देवी मां प्रसन्न करने के लिए गुड़हल फूल अर्पित किए थे और उनको सिद्धियां मिली थी।

गुड़हल फूल के औषधीय गुण

आयुर्वेद के अनुसार, गुड़हल के फूल की तासीर ठंडी होती है और इससे कई औषधियां बनती है। हाई बीपी में गुड़हल फूल से बनी औषधि को बेहद प्रभावकारी माना गया है। गुड़हल के फूल का पाउडर भी बनाया जाता है, जो स्किन और बालों के लिए फायदेमंद माना जाता है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सदियों से इस फूल का घरेलू नुस्खे के रूप में इस्तेमाल होता आया है।

गुड़हल फूल के उपाय

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नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति: जिस व्यक्ति के जीवन में सब कुछ नेगेटिव हो रहा हो और वह मानसिक रूप बेचैन रहता हो, उसके लिए यह उपाय बेहद फायदेमंद है। दोपहर के समय आधा खिला हुआ गुड़हल का फूल तोड़कर माता रानी को अर्पित करें। इसके बाद वह फूल प्रसाद के तौर पर उस व्यक्ति को खिला दें, जिस पर नकारात्मक ऊर्जा हावी हो। इससे अवश्य लाभ होगा।

कोर्ट-कचहरी के झंझट से मुक्ति: कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में छुटकारा पाने के लिए नवरात्रि के दिनों में घर में लाल गुड़हल का फूल लगाएं। साथ ही, मां दुर्गा को गुड़हल का फूल अर्पित करें। आप इस गमले में भी उगा सकते हैं और अपनी बालकनी में सजा सकते हैं। यह पौधा लगाने से ग्रहों के अशुभ असर भी दूर होते है।

धन संकट से मिलेगा छुटकारा: नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी और नवमी तिथियों को देवी माता की आराधना में गुड़हल फूल को अवश्य शामिल करें। धन संकट दूर करने केलिए माता रानी को इन तीनों तिथियों को सुबह-शाम 5-5 गुड़हल फूल चढ़ाएं।

बिजनेस में सफलता के उपाय: बिजनेस में सफलता और अपार धन पाने के लिए नवरात्रि में हर रोज मां दुर्गा का 5 लाल गुड़हल के साथ 5 पीले गुड़हल का फूल अर्पित करने से लाभ होता है। साथ में चीनी पाक मिठाई, बताशा, रसगुल्ला आदि का भोग लगाएं। इससे देवी मां अति प्रसन्न होती हैं। नौकरीपेशा जातकों के लिए भी यह उपाय फायदेमंद है।

कन्या पूजन के बाद करें यह काम: नवरात्रि में आप जिस दिन भी कन्या पूजन करते हों, उस दिन विधि-विधान से यह अनुष्ठान संपन्न करने के बाद देवी-स्वरूपा सभी कन्याओं को दक्षिणा के साथ गुड़हल पुष्प अर्पित करें। मान्यता है कि इससे बिगड़े हुए काम भी बन जाते हैं। घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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