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Narmada Jayanti 2026: पुण्यदायिनी मां नर्मदा का प्राकट्योत्सव आज, जानें शुभ मुहूर्त और व्रत की विधि

Narmada Jayanti 2026: पवित्र और पावन पुण्यदायिनी मां नर्मदा के जन्मदिवस माघ माह की शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि को मनाया जाता है. आज माघ शुक्ल पक्ष सप्तमी को नर्मदा जयंती के तौर पर मनाया जा रहा है. चलिए नर्मदा जयंती के शुभ मुहूर्त और व्रत की विधि के बारे में जानते हैं.

Photo Credit- News24GFX

Narmada Jayanti 2026: पंचांग के अनुसार, हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को नर्मदा जयंती का पर्व होता है. आज यानी 25 जनवरी 2026, दिन रविवार को माघ शुक्ल पक्ष सप्तमी को नर्मदा जयंती है. मां नर्मदा को बेहद पवित्र नदी के रूप में पूजा जाता है. इसे शिव की पुत्री माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिव जी एक बार अमरकंटक में कठोर तपस्या में लीन थे. उस समय उनके पसीने से नर्मदा का जन्म हुआ. पंचांग के अनुसार, माघ शुक्ल पक्ष सप्तमी को नर्मदा प्रकट हुई थी. इस दिन को मां नर्मदा का प्राकट्योत्सव के तौर पर मनाया जाता है.

नर्मदा जयंती शुभ मुहूर्त (Narmada Jayanti 2026 Shubh Muhurat)

आज 25 जनवरी को नर्मदा जयंती के दिन सुबह 5 बजकर 26 मिनट से सुबह 6 बजकर 19 मिनट तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा. इस दौरान ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर सकते हैं. संभव को तो पवित्र नर्मदा में या किसी पवित्र नदी में स्नान करें. वरना आप घर पर ही पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान करें. मां नर्मदा की पूजा के लिए अभिजित मुहूर्त दोपहर को 12 बजकर 12 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा. इस मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं.

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नर्मदा जयंती व्रत-पूजा विधि (Narmada Jayanti 2026 Puja Vidhi)

नर्मदा जयंती पर आप ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और इसके बाद उगते सूर्य को अर्घ्य दें. आप पवित्र नदी में स्नान करें या घर पर ही पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान करें. आप स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करें और इसके बाद अभिजित मुहूर्त में पूजा स्थल की सफाई कर मां नर्मदा की तस्वीर स्थापित करें. प्रतिमा के समक्ष दीपक प्रज्वलित करें और मां नर्मदा का ध्यान करें. श्रद्धा भाव से मां नर्मदा को पुष्प, अक्षत, धूप-दीप अर्पित करें और फल और मिठाईयों का भोग लगाएं.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.


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