Vastu Tips: लोग घर के बाहर एड्रेस और पहचान के लिए नेमप्लेट लगाते हैं. वैसे तो लोग इसे केवल सजावट का हिस्सा मानते है लेकिन वास्तु में इसका खास महत्व है. घर के बाहर लगी नेमप्लेट घर में पॉजिटिव एनर्जी लाती है. लेकिन अगर यह वास्तु के अनुसार न लगाई जाए तो इसके कारण परेशानी हो सकती है. घर के बाहर नेमप्लेट लगाने को लेकर वास्तु के क्या नियम है चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं.
क्या जरूरी है नेमप्लेट लगाना?
घर के बाहर मेन गेट पर नेमप्लेट लगाना वास्तु की दृष्टि से अच्छा होता है. घर का मुख्य द्वार आने-जाने का रास्ता होता है इसी के जरिए घर में पॉजिटिव और निगेटिव एनर्जी आती है. आप घर के दरवाजे पर नेमप्लेट लगाते हैं तो यह शुभ संकेत के तौर पर होती है. कोई भी घर में आने से पहले नेमप्लेट को देखता है इसे साफ-सुथरा और अट्रैक्टिव रखना चाहिए. इससे घर में आने वाला व्यक्ति पॉजिटिव एनर्जी लेकर आता है.
---विज्ञापन---
ये भी पढ़ें - Vidur Niti: धीरे-धीरे आपको बर्बाद करती है ये 4 बुरी आदतें, सुधार लें वरना होगा नुकसान
---विज्ञापन---
नेमप्लेट के लिए दिशा
आपके घर का मुख किस दिशा में है उसके हिसाब से आपको नेमप्लेट लगानी चाहिए. अगर घर का मेन गेट उत्तर या पूर्व दिशा की ओर है तो नेमप्लेट मेटल की बनी होनी चाहिए. लेकिन दरवाजे का मुंह दक्षिण दिशा में या पश्चिम दिशा में है तो आपको घर के बाहर लकड़ी की नेमप्लेट लगानी चाहिए. सही दिशा में और वास्तु नियमों के अनुसार लगी नेमप्लेट घर में पैसा और तरक्की लेकर आती है.
नेमप्लेट की डिजाइन
नेमप्लेट के लिए आपको जरूरी वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करना चाहिए. नेमप्लेट के लिए ब्लैक, ब्लू, गोल्डन और ब्राउन गहरे रंग अच्छे होते हैं. नेमप्लेट हल्के और फीके रंग की नहीं होनी चाहिए. लाइट वाली नेमप्लेट लगाना भी अच्छा होता है. नेमप्लेट पर हमेशा घर के मालिक का नाम और सरनेम लिखा होना चाहिए. सभी अक्षर साफ और क्लियर होने चाहिए. आप नेमप्लेट पर शुभ चिन्ह जैसे ‘ॐ’ या ‘स्वस्तिक’ बनवा सकते हैं. ध्यान रहे नेमप्लेट बिल्कुल भी टूटी हुई नहीं होनी चाहिए.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.