हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Mahakumbh 2025: मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान के बाद जरूर घर लाएं ये 5 चीजें; मिलेगा सुख, शांति और धन का वरदान!

Mahakumbh 2025: मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस बार मौनी अमावस्या 29 जनवरी को है। महाकुंभ 2025 में इस मौके पर द्वितीय अमृत स्नान है। यदि आप इस मौके पर महाकुंभ 2025 जा रहे हैं, तो वहां से सुख, शांति और धन बढ़ाने वाली 5 खास चीजों को अपने घर लाना न भूलें। आइए जानते हैं, क्या हैं ये 5 शुभ वस्तुएं?

विज्ञापन

Mahakumbh 2025: प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025, दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन, सिर्फ आस्था का उत्सव नहीं है, बल्कि आत्मिक उत्थान का एक सुनहरा अवसर भी है। मौनी अमावस्या पर मौके पर यहां दूसरा अमृत स्नान या शाही स्नान आयोजित होगा, जो इस बार 29 जनवरी को पड़ रहा है। मान्यता है कि यहां होने वाले भव्य अनुष्ठानों और दिव्य वातावरण के साथ, आप कुछ ऐसे पवित्र स्मृतिचिह्न अपने घर ले जा सकते हैं, जो आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और ईश्वरीय कृपा लाते हैं। यदि आप मौनी अमावस्या के मौके पर द्वितीय अमृत स्नान के लिए महाकुंभ 2025 में जा रहे हैं, तो यहां बताई इन इन 5 खास चीजों को अपने घर लाना न भूलें।

1. प्रयागराज की त्रिवेणी की पवित्र मिट्टी

प्रयागराज की भूमि, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियां मिलती हैं, अति पवित्र मानी जाती है। इस भूमि की थोड़ी सी मिट्टी को घर लाना सदियों पुरानी परंपरा है। इसे लाल कपड़े में लपेटकर अपने घर के मंदिर में रखें या तुलसी के पौधे की जड़ में डालें। माना जाता है कि यह मिट्टी नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और घर में शांति और शुभता का संचार करती है।

ये भी पढ़ें: Vastu Shastra: सावधान! कहीं आपने भी तो नहीं रखा है इस दिशा में फिश एक्वेरियम, कंगाल होते नहीं लगेगी देर!

विज्ञापन

2. रुद्राक्ष और तुलसी माला

रुद्राक्ष और तुलसी की माला हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। रुद्राक्ष, जिसे भगवान शिव के आंसू माना जाता है, यह शिव जी का पवित्रता का आशीर्वाद है, जो नकारात्मकता को समाप्त कर मन को शांति देता है। तुलसी की माला, जिसे ईश्वरीय पौधा माना जाता है, न सिर्फ आध्यात्मिक बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर होती है। महाकुंभ से रुद्राक्ष या तुलसी की माला लाना, जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक बन सकता है।

3 तुलसी के पत्ते

त्रिवेणी संगम के पवित्र जल में स्नान करने के बाद हनुमान मंदिर में जाकर तुलसी के कुछ पत्ते लें। इन्हें लाल कपड़े में लपेटकर अपनी तिजोरी या घर के किसी सुरक्षित स्थान पर रखें। यह छोटे से पत्ते, शुभता का स्पर्श और दिव्यता के प्रतीक हैं और घर में सुख-समृद्धि लाने का आशीर्वाद माने जाते हैं।

विज्ञापन

4. शंख और अन्य धार्मिक वस्तुएं

महाकुंभ के मेले में धार्मिक वस्तुओं के अनगिनत विकल्प मिलते हैं। शंख, जो विश्वास की गूंज, शुद्धता और शुभता का प्रतीक है, को अपने पूजा स्थान में रखना शुभ माना जाता है। इसके अलावा, धार्मिक पुस्तकें, माला और अन्य पवित्र वस्तुएं भी खरीदें। ये चीज़ें न केवल आपकी आस्था को सुदृढ़ करेंगी, बल्कि आपको महाकुंभ की यादों से भी जोड़े रखेंगी।

5. त्रिवेणी संगम का पवित्र जल

त्रिवेणी संगम का जल समृद्धि का अमृत है, जिसे हिंदू धर्म में सबसे पवित्र माना गया है, सदियों से घर लेकर आना एक प्रमुख परंपरा है। इस जल को घर के हर कोने में छिड़कने से नकारात्मकता दूर होती है और समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशी का आगमन होता है। कहते हैं, यह पवित्र जल घर को ईश्वरीय आशीर्वाद और ऊर्जा से भर देता है।

विज्ञापन

इन 5 पवित्र वस्तुओं का महत्व जितना भौतिक है, उससे कहीं अधिक आध्यात्मिक है। महाकुंभ केवल स्मृतिचिह्न इकट्ठा करने का अवसर नहीं है, बल्कि आत्मचिंतन, विनम्रता और सहिष्णुता को अपनाने का समय है। महाकुंभ से लौटने के बाद, ये पवित्र स्मृतिचिह्न न केवल आपके घर में सकारात्मकता का संचार करेंगे, बल्कि आपके मन और आत्मा को भी शुद्धता और शांति प्रदान करेंगे।

ये भी पढ़ें: Video: छाया ग्रह केतु से क्यों लगता है डर, 2025 में किस पर होगा कैसा असर? पंडित सुरेश पांडेय से जानें

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola