Magh Gupt Navratri 2026: साल में चार बार चैत्र, आषाढ़, आश्विन यानी शारदीय और माघ महीने में नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. इनमें से चैत्र और शारदीय नवरात्रि सामान्य है जो लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध हैं. इसके अलावा आषाढ़ा और माघ माह की नवरात्रि गुप्त नवरात्रि है. अब जनवरी में माघ गुप्त नवरात्रि शुरू हो रही है. आपको गुप्त नवरात्रि में इस गुप्त कवच का पाठ करना चाहिए. इसका पाठ करने और विधिपूर्वक पूजा करने से आपकी हर मनोकामना पूर्ण होगी.
कब से कब तक है गुप्त नवरात्रि?
19 जनवरी 2026, दिन सोमवार से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. इसका समापन 27 जनवरी 2026, दिन मंगलवार को होगा. बता दें कि माघ माह की गुप्त नवरात्रि शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होगी और इसका समापन शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को होगा. इस गुप्त नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की 10 महाविद्याओं की पूजा-अर्चना का महत्व होता है. आप गुप्त नवरात्रि में इस कवच का पाठ अवश्य करें.
शृणु देवि प्रवक्ष्यामि कवचं सर्वसिद्धिदम् ।
पठित्वा पाठयित्वा च नरो मुच्येत सङ्कटात् ॥ 1 ॥
अज्ञात्वा कवचं देवि दुर्गामन्त्रं च यो जपेत् ।
न चाप्नोति फलं तस्य परं च नरकं व्रजेत् ॥ 2 ॥
उमादेवी शिरः पातु ललाटे शूलधारिणी ।
चक्षुषी खेचरी पातु कर्णौ चत्वरवासिनी ॥ 3 ॥
सुगन्धा नासिकं पातु वदनं सर्वधारिणी ।
जिह्वां च चण्डिकादेवी ग्रीवां सौभद्रिका तथा ॥ 4 ॥
अशोकवासिनी चेतो द्वौ बाहू वज्रधारिणी ।
हृदयं ललितादेवी उदरं सिंहवाहिनी ॥ 5 ॥
कटिं भगवती देवी द्वावूरू विन्ध्यवासिनी ।
महाबला च जङ्घे द्वे पादौ भूतलवासिनी ॥ 6 ॥
एवं स्थिताऽसि देवि त्वं त्रैलोक्ये रक्षणात्मिका ।
रक्ष मां सर्वगात्रेषु दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते ॥ 7 ॥
इति श्री दुर्गा कवचम् समाप्त ।
दुर्गा कवचम् का पाठ करने से भक्तों को लाभ मिलता है. यह कवच शक्तिशाली और रहस्यमय मंत्र है. इससे मां दुर्गा को प्रसन्न कर सकते हैं. इस कवच का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्ति मिलती है. यह बुरी नजर से बचाता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.