Lord Shiva Puja Rules: हिन्दू धर्म में भगवान भोलेनाथ की पूजा सबसे सरल मानी जाती है, लेकिन यह भी सच है कि शास्त्रों में बताए गए नियमों की अनदेखी करने पर पूजा का फल प्रभावित हो सकता है. कई बार श्रद्धालु अनजाने में कुछ ऐसी बातें कर देते है, जो शिव भक्ति में बाधा बन जाती है. खासकर घर में शिवजी की पूजा करते समय दिशा, प्रतिमा, जल अर्पण और पूजन सामग्री को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी होती है. आइए जानते हैं, शिव पूजा से जुड़ी ऐसी 5 सामान्य भूलें क्या हैं, जिनसे बचना आवश्यक माना गया है?
शिव प्रतिमा की सही दिशा
मान्यता के अनुसार भगवान शिव का वास कैलाश पर्वत पर है, जो उत्तर दिशा में स्थित है. इसलिए घर में शिवजी की मूर्ति या तस्वीर उत्तर दिशा की ओर स्थापित करना श्रेष्ठ माना गया है. इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मन को शांति मिलती है. दक्षिण दिशा में शिव प्रतिमा लगाने से पूजा का प्रभाव कम हो सकता है.
क्रोध मुद्रा वाली तस्वीर से परहेज
घर में भगवान शिव की उग्र या क्रोध मुद्रा वाली तस्वीर लगाना शुभ संकेत न माना जाता है. ऐसी छवि तांडव और संहार का भाव दर्शाती है. इससे बिना कारण चिड़चिड़ापन, तनाव और मन की अशांति बढ़ने की मान्यता है. गृहस्थ जीवन के लिए शिव परिवार के साथ वाली तस्वीर अधिक कल्याणकारी मानी जाती है, जिसमें माता पार्वती और पुत्र गणेश, कार्तिकेय उपस्थित रहते हैं. यह चित्र सुख, संतुलन और समृद्धि का प्रतीक माना गया है.
पूजा स्थल की स्वच्छता
शिवजी को स्वच्छता बेहद प्रिय है. जिस स्थान पर शिव प्रतिमा या शिवलिंग स्थापित हो, वहां गंदगी या अव्यवस्था नहीं रखनी चाहिए. रोज साफ सफाई करना और पूजा से पहले स्थान को पवित्र रखना आवश्यक माना गया है. अशुद्ध स्थान पर की गई पूजा का फल कम बताया जाता है.
रात्रि में जल अर्पण की सावधानी
शिवलिंग पर रात के समय गंगा जल या ठंडा जल सीधे अर्पित करने से बचने की सलाह दी जाती है. शास्त्रों के अनुसार यह शिव तत्व को प्रभावित कर सकता है. मान्यता है कि इससे रोग, थकान या ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है. यदि किसी कारण जल चढ़ाना आवश्यक हो, तो थोड़ी दूरी से अर्पण करना उचित माना गया है.
वर्जित पूजन सामग्री
शिव पूजा में कुछ वस्तुएं अर्पित करना वर्जित बताया गया है. शिवलिंग पर सिंदूर, हल्दी, तुलसी, टूटे चावल, शंख से जल, केतकी, चम्पा या केवड़ा के फूल न चढाए. इसके स्थान पर बेलपत्र, सफेद फूल और धतूरा जैसे पदार्थ अधिक प्रिय माने जाते है.
यह भी पढ़ें: Gemstone Wearing Rules: रत्नशास्त्र के अनुसार कौन-से रत्न एक साथ पहनना है नुकसानदेह, जानें ज्योतिषीय नियम‘
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
संबंधित खबरें
कौन हैं अजिंक्य शिंदे? जिन्हें अभिजीत दीपके ने सौंपी CJP आंदोलन की कमान
19 mins agoशारदीय नवरात्रि पर किस समय करें कलश स्थापना? जानिए मुहूर्त और विधि
1 hr agoकल से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ, जानिए सभी तिथियां और घटस्थापना मुहूर्त
3 hrs agoआज अमावस्या पर करें पितृ स्त्रोत का पाठ, तीन पीढ़ियों के पूर्वज होंगे तृप्त
3 hrs agoशारदीय नवरात्रि में अखंड ज्योति कैसे जलाएं? इन नियमों का रखें ध्यान
4 hrs agoआज है पितृ पक्ष का खास दिन, जानिए अमावस्या का महत्व और श्राद्ध मुहूर्त
8 hrs agoकैसे करें अपने-पराए की पहचान? चाणक्य नीति से जानिए लोगों की परख करना
21 hrs agoपितृपक्ष में करें पक्षियों वाला उपाय, पैसों की तंगी होगी दूर
22 hrs agoनवरात्रि शुरू होने से पहले करें घर की सफाई, आज ही हटा दें ये 5 चीजें
1 day agoपितृ पक्ष अमावस्या पर शुभ संयोग, पितरों को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines