Krishna Photo Vastu Tips: गोवर्धन पूजा पर घर में कैसे और कहां लगाएं भगवान कृष्ण की तस्वीर? जानिए शुभ दिशा और असर

Krishna Photo Vastu Tips: गोवर्धन पूजा न केवल भगवान कृष्ण की आराधना का पर्व है, बल्कि यह दिन घर में शुभ ऊर्जा और सकारात्मकता को आमंत्रित करने का भी बेहतरीन अवसर है। यदि आप सोच रहे हैं कि इस शुभ अवसर भगवान कृष्ण की तस्वीर घर में कैसे और कहां लगाएं, तो जरूर पढ़ें यह आर्टिकल।

Govardhandhari-Krishna

Krishna Photo Vastu Tips: भगवान श्रीकृष्ण के अलग-अलग स्वरूप न केवल सौंदर्य और आध्यात्मिकता का प्रतीक हैं, बल्कि हर रूप विशेष प्रकार की सकारात्मक ऊर्जा का वाहक भी है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, भगवान कृष्ण के विभिन्न स्वरूप अलग-अलग दिशाओं में अलग तरह के प्रभाव देते हैं। यदि घर में श्रीकृष्ण की तस्वीरें सही दिशा में लगाई जाएं, तो घर में प्रेम, समृद्धि, सुरक्षा और सफलता जैसे शुभ फलों की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं, घर की आठ दिशाओं के अनुसार, कौन-सी तस्वीर लगाना सबसे अधिक शुभ फलदायी हो सकता है।

विज्ञापन

उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण): लड्डू गोपाल

उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को आध्यात्मिकता और मासूमियत का स्थान माना गया है। इस दिशा में लड्डू गोपाल का बाल स्वरूप लगाने से घर में प्रेम, शांति और संतान सुख बढ़ता है।

विज्ञापन

पूर्व दिशा: बांसुरी बजाते गोपाल

गायों के बीच बांसुरी बजाते भगवान कृष्ण का चित्र पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। यह समृद्धि, धार्मिक उन्नति और करियर ग्रोथ में सहायक होता है।

दक्षिण-पूर्व दिशा (अग्नि कोण): विराट रूप

दक्षिण-पूर्व दिशा यानी अग्नि कोण में महाभारत के गीता उपदेश देते विराट रूप की तस्वीर लगाना चाहिए। यह आत्मबल, ऊर्जा और नकारात्मकता से सुरक्षा देता है।

विज्ञापन

दक्षिण दिशा: गोवर्धनधारी कृष्ण

गोवर्धन पर्वत उठाए भगवान कृष्ण की तस्वीर सुरक्षा, आत्मविश्वास और विपत्तियों से रक्षा का प्रतीक है। यह दिशा मजबूत निर्णय शक्ति देती है।

विज्ञापन

दक्षिण-पश्चिम: सुदर्शन चक्रधारी कृष्ण

इस दिशा में सुदर्शन चक्रधारी कृष्ण की छवि लगाने से नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नजर और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।

पश्चिम दिशा: द्वारकाधीश स्वरूप

भगवान कृष्ण का राजसी रूप यानि द्वारकाधीश की तस्वीर धन, वैभव और भौतिक सुखों में वृद्धि करता है। व्यापारियों के लिए यह दिशा विशेष रूप से लाभदायक है।

विज्ञापन

उत्तर-पश्चिम: रासलीला स्वरूप

राधा-कृष्ण की रासलीला का चित्र इस दिशा में प्रेम, वैवाहिक सुख और रिश्तों में मधुरता लाता है। अविवाहित लोगों को शुभ परिणाम मिल सकते हैं।

उत्तर दिशा: सारथी भगवान कृष्ण

अर्जुन को गीता उपदेश देते हुए कृष्ण का चित्र उत्तर दिशा में लगाने से निर्णय क्षमता, विवेक और शत्रु नाश का संकेत मिलता है।

विज्ञापन

इन वास्तु टिप्स भी रखें ध्यान

भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीर लगाते समय कुछ जरूरी वास्तु नियमों का पालन अवश्य करना आवश्यक है। तस्वीर हमेशा साफ-सुथरी और श्रद्धापूर्ण स्थान पर लगानी चाहिए। धुंधली, फटी या टूटी-फूटी तस्वीरें नकारात्मक ऊर्जा देती हैं, इसलिए इन्हें हटा देना चाहिए। भगवान की आंखें चित्र में स्पष्ट और भावपूर्ण होनी चाहिए, क्योंकि आंखों से ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। श्रीकृष्ण की तस्वीर के आसपास झाड़ू, जूते या कोई अपवित्र वस्तु न रखें। याद रखें, भगवान कृष्ण का हर स्वरूप केवल चित्र नहीं, बल्कि ऊर्जा का केंद्र होता है, जो घर में सुख-शांति लाता है।

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ