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Krishna Chhathi 2024: लड्डू गोपाल की छठी के दिन बने ये शुभ योग; जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और खास भोग

Krishna Chhathi 2024: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के 6 दिन के बाद भगवान के बाल रूप यानी लड्डू गोपाल जी की छठी मनाने की परंपरा है। आइए जानते हैं, कृष्ण छठी कब है, पूजा का शुभ मुहूर्त कितने बजे है, पूजा विधि क्या है और इस दिन क्या खास भोग लगाते हैं?

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Krishna Chhathi 2024: हिंदू धर्म में जब किसी परिवार में किसी बच्चे का जन्म होता है, तो उसके छह दिन बाद उसका षष्ठी शुद्धि नामक संस्कार संपन्न किया जाता है, जिसे आम भाषा में ‘छठी मनाना’ कहते हैं। सदियों से छठी मनाने का यह रिवाज भगवान कृष्ण के भी जन्म के 6 दिन बाद भी मनाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी 26 अगस्त को बहुत धूमधाम से मनाई गई थी। आइए जानते हैं, लड्डू गोपाल की छठी पूजा कब है, पूजा का शुभ मुहूर्त कितने बजे है, पूजा विधि और खास भोग क्या है?

कब है भगवान कृष्ण की छठी?

जन्माष्टमी त्योहार के 6 दिन बाद भगवान बाल कृष्ण की छठी की रस्म मनाई जाती है। पंडितों के अनुसार, चूंकि कृष्ण जन्माष्टमी 26 अगस्त को मनाया गया था, इसलिए इसके 6 दिन बाद भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को लड्डू गोपाल की छठी पूरे विधि-विधान से मनाई जाएगी। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि इस बार 1 सितंबर, 2024 को पड़ रही है, इस तारीख को शुभ मुहूर्त में कृष्ण छठी मनाई जाएगी।

कृष्ण छठी पर बन रहे हैं ये शुभ योग

जिस तिथि को बाल गोपाल की छठी मनाई जाएगी यानी भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को बेहद शुभ संयोग बन रहे हैं। इस तिथि के पंचांग के अनुसार 1 सितंबर 2024 को दिन रविवार है। इस दिन अश्लेषा और मघा नक्षत्र का संयोग रहेगा। वहीं योग की बात करें, तो पारीघ और शिव योग के साथ सूर्य सिंह राशि और और चंद्रमा कर्क में विराजमान होंगे। इन विलक्षण योगों के महासंयोग से भगवान कृष्ण की छठी करने से शीघ्र ही मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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फोटो साभार: indiamart.com

कृष्ण छठी पूजा मुहूर्त

धार्मिक आचार्यों और पंडितों के अनुसार, कृष्ण छठी संपन्न करने का सबसे सुंदर मुहूर्त सुबह का होता है। इसलिए ब्रह्म मुहूर्त से लेकर सूर्योदय होने तक इसे संपन्न कर लेना चाहिए। यह समय अवधि श्रेष्ठ मानी गई है, लेकिन यह बाध्यकारी नहीं है। भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार सूर्यास्त होने से पहले तक कृष्ण छठी पूजा कर सकते हैं।

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कृष्ण छठी पूजा विधि

रविवार 1 सितंबर को सुबह में उठकर नहा-धोकर स्वच्छ कपड़े धारण करना चाहिए। फिर एक चौकी पर लाल या पीला आसन बिछाकर भगवान लड्डू गोपाल को विराजमान करें। इसके बाद उनको पंचामृत से स्नान करवाएं। फिर उनको पीले रंग एक नए वस्त्र पहनाकर स्थापित करें। फिर भगवान को चंदन का तिलक लगाएं और फूल माला अर्पित करें। फिर घी के दीपक जलाकर उनकी आरती करें।

लड्डू गोपाल को लगाएं ये खास भोग

लड्डू गोपाल की विधिवत पूजा कर लेने के बाद उनको कढ़ी-चावल का भोग लगाएं। आप माखन मिश्री का भोग भी लगा सकते हैं, लेकिन कृष्ण छठी के दिन लड्डू गोपाल को भोग लगाने के लिए कढ़ी-चावल बनाया जाता है। इसके बाद परिवार के सदस्यों और लोगों में प्रसाद का वितरण करें और प्रभु से सुख, शांति और समृद्धि में वृद्धि के कामना करें। लड्डू गोपाल का जयकारा लगाएं।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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