Kajari Teej: इन 17 नियमों के पालन बिना अधूरा है व्रत, जानें कजरी तीज पर क्या करें और क्या नहीं?

Kajari Teej 2025 Vrat: कजरी तीज का व्रत काफी कठिन होता है। बावजूद इसके सुहागिन महिलाएं खुशी-खुशी अपने पति की लंबी आयु और खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए ये व्रत रखती हैं। हालांकि व्रत के दौरान कई जरूरी नियमों का पालन करना होता है, अन्यथा पाप लगता है। आइए जानते हैं कजरी तीज के दिन महिलाएं क्या करें और क्या नहीं।

Kajari Teej

Credit- Social Media

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Kajari Teej 2025 Vrat Niyam: साल में तीन बार तीज का पर्व मनाया जाता है, जिनका अपना महत्व है। साल 2025 में 27 जुलाई को हरियाली तीज का पर्व मनाया गया था, जिसके बाद अब कजरी तीज और हरतालिका तीज का त्योहार मनाया जाएगा। ये तीनों पर्व देवी पार्वती और शिव जी को समर्पित हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को कजरी तीज का व्रत रखा जाता है। साल 2025 में 12 अगस्त 2025, वार मंगलवार को कजरी तीज का व्रत रखा जाएगा।

बता दें कि ये व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की लंबी आयु और खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है। हालांकि कजरी तीज के व्रत से जुड़े कई जरूरी नियम हैं, जिनका पालन न करने पर व्रती को पाप भी लग सकता है। इसलिए आज हम आपको शास्त्रों में बताए गए कजरी तीज व्रत के 17 जरूरी नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं।

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कजरी तीज व्रत के नियम

  • कजरी तीज के दिन महिलाओं को झूला जरूर झूलना चाहिए। इसके बिना व्रत पूरा नहीं होता है।
  • 16 श्रृंगार करने के बाद ही कजरी तीज के व्रत की पूजा करनी चाहिए।
  • व्रत के दिन महिलाओं को हरे रंग के कपड़े ही धारण करने चाहिए। यहां तक कि श्रृंगार का सामान भी हरे रंग का होना चाहिए।
  • इस दिन सफेद रंग की कोई भी वस्तु धारण न करें।
  • व्रती को दिन के समय सोना नहीं चाहिए।
  • व्रत के दिन गुस्सा न करें और नकारात्मक चीजों से दूर रहें।
  • नाखून और बाल काटना तीज पर्व पर अशुभ होता है।
  • कजरी तीज के दिन बाल नहीं धोने चाहिए। इससे घर में परेशानियां उत्पन्न होती हैं और जीवनसाथी संग रिश्ता भी अच्छा नहीं रहता है।

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  • कजरी तीज का व्रत निर्जला होता है यानी उपवास के दौरान अन्न और जल दोनों के सेवन करने की मनाही होती है।
  • जब तक भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि रहती है, तब तक ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
  • व्रती को कजरी तीज के व्रत की कथा सुननी या पढ़नी जरूर चाहिए।
  • खुले बालों और बिना सिर ढककर पूजा नहीं करनी चाहिए। इससे आपको पाप लग सकता है।
  • व्रत का पारण करने से पहले दान जरूर करना चाहिए।
  • व्रत का पारण करने के बाद कन्याओं को भोजन जरूर कराना चाहिए।
  • व्रत का पारण करने के बाद जीवनसाथी और घर के बुजुर्गों का आशीर्वाद लें।
  • भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा से पहले गणेश जी की पूजा जरूर करनी चाहिए। साथ ही देवी-देवताओं को पूरी पूजा सामग्री अर्पित करें।
  • जिन महिलाओं ने ये व्रत रखा है, वो उपवास के दौरान झाड़ू न लगाएं और न ही झाड़ू को स्पर्श करें। इससे आपको धन की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

कजरी तीज व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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