Kaalchakra Today 26 September 2025: शारदीय नवरात्रि के शुभ दिन चल रहे हैं, जो मां दुर्गा की उपासना के लिए बेहद खास होते हैं. इस बार 22 सितंबर से शारदीय नवरात्रि का आरंभ हो गया है, जिसका समापन 2 अक्टूबर को दुर्गा विसर्जन के साथ होगा. इस दौरान लोग मां दुर्गा को खुश करने के लिए व्रत रखते हैं और उनकी पूजा करते हैं. साथ ही माता रानी को तरह-तरह के भोग लगाते हैं. इसके अलावा कुछ लोग मां दुर्गा को समर्पित प्रभावशाली मंत्रों का जाप और पाठ भी करते हैं. दरअसल, शास्त्रों में बताया गया है कि पाठ और मंत्रों में बहुत शक्ति होती है, जिन्हें विधिपूर्वक पढ़ने से लाभ होता है. इसी में एक है दुर्गा सप्तशती.
दुर्गा सप्तशती में मां दुर्गा के महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती यानी तीन दिव्य चरित्र की महिमा का वर्णन किया गया है. इसमें कुल 13 अध्याय और 700 श्लोक हैं. प्रत्येक अध्याय और श्लोक का अपना महत्व है, जिसे परेशानी अनुसार पढ़ने से लाभ होता है. हालांकि, दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से पहले देवी कवच के 16 मंत्रों का जाप करना चाहिए. कुछ लोग अपनी विशेष मनोकामना को पूरा करने के लिए भी दुर्गा सप्तशती के 13 अध्याय और 700 श्लोक का पाठ करते हैं, जिससे उन्हें लाभ जरूर होता है.
आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको मां दुर्गा को समर्पित शक्तिशाली दुर्गा सप्तशती के पाठ से जुड़ी मुख्य बातों के बारे में ही बताने जा रहे हैं.
कब, कैसे और कहां करें दुर्गा सप्तशती का पाठ?
- समय- सुबह या शाम किसी भी समय आप दुर्गा सप्तशती का पाठ कर सकते हैं.
- मुद्रा- शांत मुद्रा में बैठकर ही दुर्गा सप्तशती का पाठ करना श्रेष्ठ माना गया है.
- कहां- घर में मंदिर या किसी शांत व शुद्ध जगह पर बैठकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए.
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दुर्गा सप्तशती का पाठ करने के लाभ
- पहला अध्याय- दूर होती हैं चिंताएं
- दूसरा अध्याय- शत्रुओं से मिलता है छुटकारा
- तीसरा अध्याय- मुकदमे में जीत होती है और शत्रुओं का नाश होता है
- चौथा अध्याय- मां जगदंबे के दर्शन करने का मिलता है मौका
- पांचवां अध्याय- भक्ति, शक्ति और देवी दर्शन का आशीर्वाद मिलता है
- छठा अध्याय- दुख, भय और दरिद्रता से मिलती है मुक्ति
- सातवां अध्याय- मनोकामनाएं होती हैं पूर्ण
- आठवां अध्याय- बढ़ता है आकर्षण
- नौवां और दसवां अध्याय – संतान और उन्नति की होती है प्राप्ति
- 11वां अध्याय- हर तरह की भौतिक सुविधाएं मिलती हैं
- 12वां अध्याय- मान-सम्मान और यश बढ़ता है
- 13वां अध्याय- मोक्ष की होती है प्राप्ति
यदि आप दुर्गा सप्तशती के पाठ से जुड़े नियमों और लाभ के बारे में और जानना चाहते हैं तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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