Kaalchakra Today 31 August 2025: प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि उसके ऊपर कभी कर्ज न चढ़े। हालांकि कुछ कर्ज यानी ऋण ऐसे होते हैं, जो जन्म के साथ ही व्यक्ति पर चढ़ जाते हैं। शास्त्रों में विस्तार से पितृ ऋण, मातृ ऋण, ऋषि ऋण और देव ऋण के बारे में बताया है। ये चारों ऋण जन्म लेते ही चढ़ जाते हैं, जिन्हें चुकाना जरूरी होता है। यदि समय रहते व्यक्ति इन चारों ऋण को नहीं चुकाता है तो वो जीवनभर परेशान रहता है। हालांकि, कुछ उपायों को करके पितृ ऋण, मातृ ऋण, ऋषि ऋण और देव ऋण को चुकाया जा सकता है।
आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको बताएंगे कि कैसे व्यक्ति को ये पता चल सकता है कि उसके ऊपर पितृ ऋण, मातृ ऋण, ऋषि ऋण या देव ऋण चढ़ा हुआ है। साथ ही इन्हें चुकाने के उपाय भी पता चलेंगे।
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पितृ ऋण
पितृ ऋण माता-पिता और पूर्वजों के प्रति कर्ज होता है, जो वंश को जारी रखने के लिए चुकाना जरूरी होता है।
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संकेत-
- कुंडली में सूर्य के साथ राहु, शनि या केतु की युति होना।
- सूर्य पर राहु, शनि या केतु की दृष्टि पड़ना।
- पंचमेश की अष्टम में स्थिति होना।
- कुंडली के आठवें भाव में सूर्य का होना।
संकट-
- संतान का न होना।
- बार-बार गर्भपात होना।
- संतान होने के बाद भी उसका बीमार रहना।
- संतान का बुरी संगत में फंसना।
- संतान की मानसिक स्थिति का ठीक न होना।
- समाज और परिवार में मान-सम्मान कम मिलना।
- बार-बार नौकरी छूटना।
- दुर्भाग्य का पीछा न छोड़ना।
- परिवारवालों पर दुर्घटनाओं का साया रहना।
- बार-बार अनहोनी का शिकार होना।
उपाय-
- अमावस्या तिथि को मंदिर में दूध, चीनी, सफेद कपड़े और धन का दान करें।
- नियमित रूप से 108 दिन तक पीपल के पेड़ की परिक्रमा करें।
- श्राद्ध पक्ष में श्राद्ध जरूर करें।
- ग्रहण के समय दान और पुण्य कार्य करें।
- घर के किसी सदस्य की अकाल मृत्यु हो जाए तो पिंडदान कराएं।
- नवरात्रि के दौरान घर में दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
- घर में पितृ दोष निवारण यंत्र स्थापित करें।
- नियमित रूप से श्रीमद्भागवत, गरुड़ पुराण या रामचरितमानस का पाठ करें।
- जन कल्याण कार्य करें।
- वृक्षारोपण या जल का दान करें।
- जरूरतमंदों को भोजन और कपड़ों का दान करें।
- गाय को हरा चारा खिलाएं।
- गया, त्र्यंबकेश्वर या हरिद्वार में पिंडदान करें।
- हर अमावस्या को जरूरतमंदों को भोजन कराएं और दान करें।
- पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं और शाम को उसके पास दीपक जलाएं।
- बरगद, पीपल और तुलसी के पौधे लगाएं। साथ ही उनकी सेवा करें।
यदि आप अन्य तीन ऋण के संकेत, महत्व और उपायों के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।