Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: यदि आपके जीवन में बार-बार परेशानियां आ रही हैं या आप किसी समस्या का लंबे समय से सामना कर रहे हैं? तो ऐसी परिस्थिति में आप शास्त्रों में बताए गए कुछ उपाय अपना सकते हैं। दरअसल, शास्त्रों में जीवन से जुड़ी अधिकतर समस्याओं के समाधान के बारे में बताया गया है। यहां तक कि खराब सेहत, कमजोर आर्थिक स्थिति और गृह क्लेश से छुटकारा आदि के उपाय भी बताए गए हैं।
आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको राशि अनुसार जीवन में चल रही तमाम समस्याओं से छुटकारा पाने के उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही आपको उन बातों के बारे में भी पता चलेगा जिन पर ध्यान देने से भविष्य में व्यक्ति को लाभ हो सकता है।
मेष राशि
मेष का स्थान मस्तक में होता है। मंगल, सूर्य और गुरु ग्रह को मेष राशि का कारक और भाग्येश बृहस्पति देव को माना जाता है। जबकि मेष राशि का स्वामित्व पूर्व दिशा में होता है। इस राशि के लोगों के लिए तीनमुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ रहता है।
यदि आप चाहते हैं कि आपके जीवन में सदा खुशियां बरकरार रहें तो भगवान सूर्य को नियमित जल चढ़ाएं। सूर्य की उपासना से आपको तरक्की और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी।
आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए और कष्टों से मुक्ति पाने के लिए मेष राशि के जातकों को हनुमान जी की उपासना करनी चाहिए। इसके अलावा किसी से मुफ्त में कोई चीज न लें। नहीं तो बरकत का नाश होगा। भाई और पिता से झगड़ा न करें। आंतों और दांतों की सफाई का ध्यान रखें व क्रोध करने से बचें।
शुक्र को वृषभ राशि का स्वामी माना जाता है जिसका स्थान मुख है। शुक्र, बुध और शनि वृषभ राशि के कारक ग्रह हैं। इस राशि के लोगों के लिए छहमुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना जाता है।
यदि आप चाहते हैं कि आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहे और नौकरी-कारोबार में बढ़ोतरी हो तो मां दुर्गा की उपासना करें। मां दुर्गा के साथ-साथ मां पार्वती या मां संतोषी की उपासना करना भी आपके लिए शुभ रहेगा।
कष्टों से मुक्ति के लिए आपको शनि देव के मंदिर में शनिवार को नमन जरूर करना चाहिए। इसी के साथ सरसों के तेल और नमक का दान करना भी आपके लिए शुभ रहेगा।
मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करना वृषभ राशि के लोगों के लिए शुभ रहता है। सुखी जीवन के लिए हर रोज घर में संध्या पूजन करें और किसी की मदद करने से कभी पीछे न हटें।
यदि आपके जीवन में बार-बार परेशानियां आ रही हैं तो ऐसी परिस्थिति में आपके लिए सात प्रकार के अनाज का दान करना लाभदायक रहेगा। इसके अलावा यदि किसी से कोई वादा किया है तो गलती से भी उसे न तोड़ें और किसी को अनावश्यक परेशान न करें।