Kaalchakra News24 Today: नंदी महाराज को भगवान शिव का वाहन माना जाता है। महादेव को समर्पित प्रत्येक मंदिर में नंदी महाराज विराजमान होते हैं। भगवान शंकर तक पहुंचने से पहले साधक को नंदी महाराज की उपासना करनी होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यदि कोई साधक नंदी महाराज के कान में अपनी कोई मनोकामना बोलता है, तो वो भगवान शिव तक जरूर पहुंचती है। इसलिए शास्त्रों में महादेव के अलावा नंदी महाराज की पूजा विधि और उन्हें प्रसन्न करने के विभिन्न उपायों के बारे में बताया गया है।
आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको नंदी महाराज की मूर्ति को घर-ऑफिस में स्थापित करने से जुड़े नियम और उन्हें प्रसन्न करने के अचूक उपायों के बारे में बताएंगे।
नंदी महाराज की पूजा का महत्व
पंडित सुरेश पांडेय बताते हैं कि नंदी महाराज भगवान शिव के प्रमुख गणों में से एक हैं। इसलिए नंदी का पूजन शिव जी की पूजा के समान ही माना जाता है। भगवान शिव की पूजा आरंभ करने से पहले नंदी महाराज के दर्शन करने चाहिए। इसी के साथ उनके सींगों को स्पर्श करके माथे पर लगाएं और फिर उनके कानों में अपनी मनोकामना बोलें। यदि आप नियमित रूप से ऐसा करते हैं, तो आपकी बुद्धि, विवेक और ज्ञान में वृद्धि होगी। साथ ही घर-परिवार में खुशियों का वास होगा।
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किस दिशा में स्थापित करें नंदी की मूर्ति?
ऑफिस या शो-रूम में भगवान शिव के वाहन नंदी महाराज की प्रतिमा को दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थापित करने से बिजनेस में तेजी आती है। इसके अलावा कारोबार में अचानक आने वाले संकटों से नंदी महाराज रक्षा भी करते हैं।
नंदी की प्रतिमा स्थापित करने का महत्व
घर में शिवलिंग के साथ मां पार्वती, गणेश जी, कार्तिकेय और नंदी महाराज की प्रतिमा रखना शुभ होता है। घर के मंदिर में नंदी महाराज की प्रतिमा को स्थापित करने से परिवारवालों के बीच आपसी प्रेम बढ़ता है। साथ ही शिव जी के आशीर्वाद से मानसिक शांति मिलती है। घर की तिजोरी या कैश बॉक्स में नंदी की मूर्ति स्थापित करने से परिवारवालों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
घर में नंदी की कैसी प्रतिमा रखनी चाहिए?
नंदी महाराज पर विराजित या ध्यान की मुद्धा में बैठे शिव जी की प्रतिमा को घर में स्थापित करने से क्लेश समाप्त होता है। परिवारवालों के बीच प्यार बढ़ता है और बच्चों की एकाग्र शक्ति में विकास होता है। इसके अलावा सभी प्रकार के कष्ट और रोग से मुक्ति मिलती है।
नंदी जी के कौन-से कान में बोलें मनोकामना?
नंदी के कान में मनोकामना कहने से पहले नंदी महाराज की पूजा जरूर करनी चाहिए। इसके अलावा नंदी के कान में अपनी इच्छा इतने धीरे बोले कि उसे कोई और व्यक्ति न सुन पाए। इसके लिए आप अपने होठों को अपने दोनों हाथों से ढक सकते हैं। इच्छा बोलने के बाद उनके पास कुछ भेंट जरूर रखें। भेंट के रूप में नंदी जी को आप मिठाई, फल या फूल अर्पित कर सकते हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि नंदी के बाएं कान में अपनी मनोकामना बोलनी चाहिए।
नंदी के कान में कभी किसी दूसरे व्यक्ति की बुराई न करें। इसके अलावा अन्य व्यक्ति का बुरा करने की बात न कहें। ऐसा करने से आपको भगवान शिव के क्रोध का भी सामना करना पड़ सकता है।
नंदी महाराज की पूजा से जुड़े अन्य नियमों के बारे में जानने के लिए देखें ये वीडियो।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक और ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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