Kaalchakra Today: ‘ॐ’ से ही क्यों होती है मंत्रों की शुरुआत? पंडित सुरेश पांडेय से जानें स्वाहा का रहस्य

Kaalchakra News24 Today: ॐ, स्वाहा और प्रत्येक मंत्र का पूजा-पाठ में तो विशेष महत्व होता ही है। इनका व्यक्ति के जीवन पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। चलिए पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं कि ॐ और स्वाहा के जाप के लाभ क्या हैं?

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Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाले प्रत्येक मंत्र का विशेष महत्व होता है। जब भी किसी मंत्र का आरंभ होता है तो उससे पहले ‘ॐ’ बोला जाता है, लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया है कि क्यों मंत्रों की शुरुआत में ‘ॐ’ बोला जाता है?

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‘ॐ’ की उत्पत्ति कैसे हुई थी? सबसे पहले ‘ॐ’ का इस्तेमाल किसने किया था? आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको बताएंगे कि ‘ॐ’ से ही क्यों मंत्रों की शुरुआत होती है? इसी के साथ आपको ‘ॐ’ और स्वाहा से जुड़े रहस्य के बारे में भी पता चलेगा।

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ॐ की उत्पत्ति कैसे हुई थी?

सनातन धर्म के अनुसार, ॐ शब्द में ब्रह्म देव, भगवान विष्णु और महेश तीनों के गुण समाए हैं, जो अ, उ और म 3 अक्षरों से मिलकर बना है। ‘ॐ’ को एकाक्षर ब्रह्म के रूप में भी जाना जाता है, जिससे सारी प्रकृति का निर्माण हुआ है और विनाश भी इसी से होगा।

पंडित सुरेश पांडेय बताते हैं कि ‘ॐ’ किसी व्यक्ति, मुनि या देवता के द्वारा उत्पन्न नहीं हुआ है, बल्कि यह खुद प्रकट हुआ है। इसका प्राकट्य मनुष्य के मणिपुर चक्र पर अनहद नाद से होता है।

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ॐ और स्वाहा का महत्व

पंडित सुरेश पांडेय बताते हैं कि किसी भी मंत्र की शुरुआत में अगर ॐ नहीं लगाया जाता है तो इससे जाप का फल नहीं मिलता है। पूजा को भी अधूरा माना जाता है। स्वाहा का उच्चारण करते हुए हवन में सामग्री अर्पित की जाती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब तक अग्नि देव हवन सामग्री को स्वीकार्य नहीं करते हैं, तब तक यज्ञ को पूरा नहीं माना जाता है और यज्ञ का समापन बिना स्वाहा बोले नहीं होता है। इसलिए यज्ञ के दौरान मन से हर बार सामग्री डालते हुए स्वाहा बोलना चाहिए।

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ॐ जाप के फायदे

  • नियमित रूप से ॐ का उच्चारण करने से शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता है। इससे घबराहट और बेचैनी की समस्या नहीं होती है।
  • ॐ का उच्चारण करने से नींद न आने की समस्या भी दूर हो जाती है। इसके अलावा हर समय ताजगी और फ्रेशनेस रहती है।
  • जिन लोगों का ब्लड प्रेशर कम या हाई रहता है, वे रोजाना 108 बार ॐ का उच्चारण करते हैं तो उनकी सेहत में धीरे-धीरे सुधार होने लगता है।

ॐ, स्वाहा और नम: के जाप का उच्चारण करने के लाभ व नियम के बारे में जानने के लिए ये वीडियो देखें।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक और ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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