Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: भगवान बजरंग बली को समर्पित हनुमान चालीसा का सनातन धर्म के लोगों के लिए खास महत्व है, जिसके जाप से साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है। हनुमान चालीसा में बजरंग बली के निर्मल चरित्र, गुणों और पराक्रम आदि का वर्णन चौपाइयों के रूप में किया गया है। माना जाता है कि यदि कोई व्यक्ति सच्चे मन से नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करता है, तो उसे पापों से छुटकारा मिलता है और जीवन में खुशियों का आगमन होता है। इसके अलावा संकट की घड़ी में भी हनुमान चालीसा का जाप करना शुभ माना जाता है।
हालांकि चालीसा का पाठ करते समय कुछ नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। नहीं तो व्यक्ति को उसका पूर्ण फल नहीं मिलता है। आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको हनुमान चालीसा के महत्व और उससे जुड़े नियमों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।
हनुमान चालीसा के पाठ से जुड़े नियम
हनुमान चालीसा का पाठ आसन पर बैठकर करना चाहिए।
हनुमान चालीसा में जो शब्द जैसे लिखा है, उसका उच्चारण वैसे ही करना चाहिए। शब्दों के गलत उच्चारण से पाप लगता है।
शनिवार और मंगलवार का दिन बजरंग बली को समर्पित है। यदि कोई व्यक्ति रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ नहीं कर पा रहा है, तो केवल इन दो दिन जाप करके बजरंग बली को प्रसन्न किया जा सकता है।
जो साधक हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, उन्हें तामसिक भोजन, शराब और मांस-मदिरा आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
कुंडली में मौजूद कमजोर ग्रहों की स्थिति मजबूत होती है।
तनाव कम होता है।
शनि की महादशा, साढ़ेसाती और ढैय्या के नकारात्मक प्रभाव से मुक्ति मिलती है।
मंगल दोष से छुटकारा मिलता है।
घर में सुख, शांति, खुशहाली और धन का वास होता है।
यदि आप हनुमान चालीसा पाठ के जाप से जुड़े और जरूरी नियमों के बारे में जानना चाहते हैं, तो इसके लिए ये वीडियो जरूर देखें।ये भी पढ़ें- Video: 16 दिन तक इस राशि पर मेहरबान रहेंगे शनि, होगा अपार धन लाभ!डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।