Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: हिंदू धर्म के लोगों के लिए पांच दिवसीय दिवाली उत्सव का खास महत्व है। इस 5 दिनों के दौरान लोगों के घरों में अलग ही धूम देखने को मिलती है। नियमित रूप से देवी-देवताओं की पूजा करने के साथ-साथ घर व दुकानों को लाइटों और फूलों से सजाया जाता है। पांच दिवसीय दिवाली उत्सव के चौथे दिन गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाता है। देश के कई राज्यों में गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण, गऊ माता, गोवर्धन पर्वत और अन्न की पूजा का विधान है।
आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको गोवर्धन पूजा के महत्व और पूजा के सही शुभ मुहूर्त के बारे में बताने जा रहे हैं।
गोवर्धन पूजा का महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इंद्र देव एक बार ब्रजवासियों से नाराज हो गए थे, जिसके बाद उन्होंने भारी बारिश की थी। ब्रजवासियों को इंद्र देव के प्रकोप से बचाने के लिए भगवान कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली से गोवर्धन पर्वत को उठा लिया था। इसी के बाद से हर साल ब्रजवासी गोवर्धन पूजा का पर्व मना रहे हैं। इस दिन श्रीकृष्ण का आभार प्रकट करने के लिए पूजा की जाती है। साथ ही भगवान को अन्नकूट का भोग लगाया जाता है। अन्नकूट भोग में रोटी, कढ़ी, पूरी, चावल, सब्जी सहित 56 तरह के भोजनों का पहाड़ बनाया जाता है, जिसे अन्नकूट कहते हैं।
गोवर्धन पूजा के शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाता है। इस बार प्रतिपदा तिथि का आरंभ 1 नवंबर 2024 को शाम 06 बजकर 16 मिनट से हो गया है, जिसका समापन 2 नवंबर को रात 08 बजकर 21 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर गोवर्धन पूजा का पर्व आज यानी 2 नवंबर 2024 को मनाना शुभ रहेगा।
राहुकाल- आज सुबह 9 बजे से 10:30 तक
यमगणज काल- आज दोपहर 1:27 से लेकर दोपहर 2:50 तक
गोवर्धन पूजा शुभ मुहूर्त- आज दोपहर 3:23 से लेकर शाम 5:35 तक
अभिजीत मुहूर्त- आज सुबह 11:42 से लेकर दोपहर 12:26 तक
चर लग्न- आज दोपहर 12:04 से लेकर दोपहर 1:27 तक
अमृत लग्न- आज दोपहर 2:50 से लेकर शाम 4:12 तक
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।