Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: हिंदू धर्म के 7वें माह यानी आश्विन के पवित्र मास का आरंभ हो गया है। ये पूरा महीना शक्ति यानी माता दुर्गा को समर्पित है। आश्विन नक्षत्र युक्त पूर्णिमा होने के कारण इसे आश्विन मास कहा जाता है। इस मास का संबंध सूर्य के दो पुत्र अश्विनौ से है। जो देवताओं के चिकित्सक हैं। इस दौरान कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर होने लगती है। इसलिए ये मास देवताओं और पितरों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। इस मास में शनि और तामसिक चीजों का प्रभाव भी बढ़ जाता है। इस दौरान माता दुर्गा, भगवान शिव, पितरों और पूर्वजों की उपासना जरूर करनी चाहिए। साथ ही दान करने का भी विशेष महत्व है। हालांकि इस दौरान पूजा करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए।
आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको आश्विन माह में पूजा करने के नियम और दान करने के महत्व के बारे में बताने जा रहे हैं।
आश्विन माह में दान का महत्व
शिव पुराण के अनुसार, आश्विन माह में ब्राह्मणों को घी का दान करना शुभ होता है। इसके अलावा तिल और धन का दान करने से अन्न-धन में वृद्धि होती है। अग्नि पुराण में बताया गया है कि जो लोग आश्विन माह में गाय का घी, दही, दूध और अन्न का दान करते हैं, उनकी सेहत सदा अच्छी रहती है। घर-परिवार में सुख और खुशहाली बनी रहती है। इसी के साथ आर्थिक स्थिति में भी सुधार होने लगता है।
- प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा, मसूर की दाल और शराब आदि तामसिक भोजन का सेवन आश्विन माह के दौरान नहीं करना चाहिए।
- आश्विन माह में रोजाना सूर्य देव की उपासना करनी चाहिए। सूर्य देव की कृपा से साधक को जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल होता है।
- आश्विन माह के दौरान शादी, सगाई, मुंडन और ग्रह प्रवेश आदि मांगलिक कार्यों नहीं करने चाहिए। हालांकि नवरात्रि के 9 दिन आप ये काम कर सकते हैं, लेकिन उसके बाद या पहले शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
- आश्विन माह में रोजाना पूजा करने के साथ-साथ शिव पुराण, मां दुर्गों को समर्पित सप्तशती और विष्णु सहस्रनाम का पाठ जरूर करना चाहिए। इससे देवी-देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
- घर में भागवत कथा का आयोजन जरूर कराएं। इसी के साथ घर के मंदिर में दुर्गा यंत्र की स्थापना करें।
बता दें कि इन नियमों का पालन करना 12 राशियों के जातकों के लिए जरूरी है, तभी उन्हें लाभ होगा। आश्विन माह से जुड़े अन्य नियमों और पूजा करने के महत्व के बारे में यदि आप विस्तार से जानना चाहते हैं, तो इसके लिए ये वीडियो जरूर देखें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।