Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: शास्त्रों में अग्नि को सर्वाधिक महत्व दिया गया है, जिसकी पूजा करने से साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है। अग्नि का इस्तेमाल दीपक के रूप में उपासना करने लिए होता है, जिसमें अग्नि द्वारा ही देवताओं की पूजा की जाती है। अग्नि की 7 प्रकार की लपटें होती हैं, जिन्हें सप्त जीवा कहा जाता है। इन 7 लपटों से अग्नि पापों को नष्ट कर देती है। अग्नि को पवका भी कहा जाता है, जिसमें सब शुद्ध हो जाता है। आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको विस्तार से अग्नि तत्व के बारे में बताने जा रहे हैं।
अग्नि तत्व का महत्व
- अग्नि में इत्र या सुगंधित तेल डालने से सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
- अग्नि में हवन सामग्री डालने से नेगेटिव एनर्जी खत्म होती है।
- संध्या के समय घर में दीपक जलाने से आयु और एकाग्रता शक्ति बढ़ती है।
- तुलसी के पौधे के सामने दीपक जलाने से वैवाहिक जीवन सुखी रहता है।
- व्यक्ति को हवन की अग्नि के सामने बैठना चाहिए। जो लोग हवन के सामने नहीं बैठ सकते हैं। उन्हें सूर्य की रोशनी में 10 से 15 मिनट तक जरूर बैठना चाहिए।
- अपने घर को शुद्ध रखने के लिए कंडे पर कपूर और घी डालकर जलाएं। जब अग्नि ठंडी हो जाए, तो उस पर गुग्गल रख दें, जिसका धुआं घर में फैलेगा तो वहां रहने वालों के नर्वस सिस्टम मजबूत होगा।
- घर में ज्योति जलाने से पहले उसकी पूजा करें। इसके अलावा अग्नि का अपमान न करें और आग को पैर से बुझाने की कोशिश न करें।