Kaalchakra: जीवन की हर परेशानी से मुक्ति दिलाएगा 'गायत्री मंत्र', पंडित सुरेश पांडेय से जानें महत्व, उपाय और लाभ
Kaalchakra Today: गायत्री मंत्र को मंत्रों का महामंत्र माना जाता है, जिसे पढ़ने और लिखने दोनों से लाभ होता है. साथ ही इससे जुड़े उपायों को करने से जीवन के हर संकट को टाला जा सकता है. चलिए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं गायत्री मंत्र के महत्व, उपायों और लाभ आदि के बारे में.
Kaalchakra Today 12 October 2025: धार्मिक ग्रंथों में कई पाठ व मंत्रों के बारे में बताया गया है, जिनमें अद्भुत शक्ति होती है. यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से इन पाठ व मंत्रों का जाप करता है तो उसे लाभ जरूर होता है. गायत्री मंत्र भी एक प्रभावशाली महामंत्र है, जिसे जपने व लिखने से व्यक्ति को लाभ जरूर होता है. गायत्री मंत्र में कुल 24 अक्षर हैं, जो शरीर की अलग-अलग ग्रंथियों को प्रभावित करते हैं. साथ ही शरीर के 7 चक्र और 72,000 नाड़ियों पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं. इसके अलावा गायत्री मंत्र के 24 अक्षर 24 बीज मंत्र को दर्शाते हैं, जिनका परेशानी के अनुसार जाप करना शुभ रहता है.
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आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको गायत्री मंत्र जपने और लिखने के महत्व, लाभ और उपायों आदि के बारे में बताने जा रहे हैं.
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गायत्री मंत्र को लिखने का महत्व
गायत्री मंत्र का जाप करने की जगह उसे लिखने से फल सौ गुना ज्यादा मिलता है. इससे आंख, मन, हाथ और मस्तिष्क रम जाते हैं. साथ ही चित्त एकाग्र होता है और एकाग्र बढ़ती है. हालांकि, मंत्र को किसी भी समय, स्थिति या अवस्था में लिखा जा सकता है. मान्यता है कि जिस स्थान पर बैठकर व्यक्ति हर रोज मंत्र लिखता है, वहां एक सूक्ष्म शक्ति के प्रभाव से सकारात्मक और दिव्य वातावरण बन जाता है, जो व्यक्ति को साधना के क्षेत्र में सफलता प्राप्ति के लिए सिद्ध करता है.
गायत्री मंत्र लिखने के नियम
गायत्री मंत्र को लिखते समय उसके अर्थ का मन ही मन चिंतन करना चाहिए.
जल्दाबीज में कभी भी मंत्र नहीं लिखना चाहिए.
जिस किताब में मंत्र लिख रहे हैं, उसकी शुद्धता का ध्यान रखें.
किसी भी कॉपी में शुद्धतापूर्वक लाल या नीले रंग के पेन से ही गायत्री मंत्र लिखना चाहिए.
जब 24,000 मंत्र पूरे हो जाएं तो कॉपी गायत्री मंदिर में भेंट कर दें.
मंगलवार या रविवार को लाल कपड़े पहनकर मां गायत्री का ध्यान करते हुए 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करने से विरोधियों से छुटकारा मिलता है. साथ ही तरक्की के नए रास्ते खुलते हैं.
छात्र यदि रोजाना ‘ऐं’ बीच मंत्र लगाते हुए गायत्री मंत्र का जाप करेंगे तो इससे उनका मन पढ़ाई में लगेगा. साथ ही एकाग्र शक्ति बढ़ेगी.
प्रात: काल में सूर्य देव की पूजा करने के बाद मंदिर में हाथ ऊपर करके 24 बार गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए. इससे डिप्रेशन और एंग्जायटी की समस्या से छुटकारा मिल सकता है.
यदि आप गायत्री मंत्र के अन्य उपायों और लाभ के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं.