Kaalchakra: कन्या पूजन में ना करें गलतियां, वरना नहीं मिलेगा व्रत का फल, पंडित सुरेश पांडेय से जानें
Kaalchakra Today: आज के कालचक्र में नवरात्रि पर्व में कन्या पूजन करने के नियमों के बारे में जान सकते हैं. कन्या पूजन के दौरान गलतियों से व्रत का फल नहीं मिलेगा. आइये इसके बारे में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं.
आज के कालचक्र में कन्या पूजन से जुड़े नियमों और गलतियों के बारे में जान सकते हैं. (Photo Credit - AI)
Kaalchakra Today 18 October 2026: आज 18 अक्टूबर 2026 को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है. आज सप्तमी तिथि का व्रत रखा जाएगा. कल यानी 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी दोनों तिथियां हैं. ऐसे मे कल कन्या पूजन कर सकते हैं. आज सप्तमी तिथि का समापन 8 बजकर 27 मिनट पर हो चुका है. आज पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा. इसके साथ ही सुकर्मा योग रात को 11 बजकर 56 मिनट तक रहेगा और इसके धृति योग आरंभ होगा.
विज्ञापन
आज के कालचक्र में आप शारदीय नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन के नियमों के बारे में जान सकते हैं. नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन करना चाहिए. आज राहुकाल दोपहर 3 बजकर 42 मिनट से लेकर शाम को 5 बजकर 9 मिनट तक रहेगा. यमगण्ड और आडल योग रहेगा. गुलिक काल और दुमुहूर्त प्रभावी रहने वाला है. आप आज के कालचक्र में कन्या पूजन और नियमों का बारे में विस्तार से जान सकते हैं.
नवरात्रि पर्व की अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन किया जाता है. कन्या पूजन के दौरान 9 कन्याओं के साथ ही एक बालक को भोजन कराया जाता है. कन्या पूजन में 9 कन्याओं को देवी दुर्गा का स्वरूप और बालक को बटुक भैरव का स्वरूप मानते हैं. आप कन्या पूजन के दौरान कन्याओं को भोजन नहीं करा सकते हैं. घर के पास इतनी कन्याएं नहीं मिलती हैं तो, आप एक बालक और दो कन्याओं को भोजन जरूर कराएं.
विज्ञापन
कन्या पूजन से जुड़े नियम
कन्या पूजन से पहले घर की अच्छे से साफ-सफाई करनी चाहिए. आप अष्टमी और नवमी तिथि पर पूजन से पहले घर को साफ कर लें. घर से फालतू सामान, कूड़ा-कचरा आदि निकाल दें. घर में कन्याओं के आगमन से पहले घर में झाड़ू पोछा करे. इसके साथ ही घर में खुशबू फैला दैं. घर में कन्याओं के आने के दौरान घर के दरवाजे पर सभी कन्याओं का हाथ जोड़कर स्वागत करें. कन्याओं के पैर धोकर रोली और अक्षत से तिलक करें. हलवा, पूड़ी, सब्जी, खीर, चने और फल का माता रानी को भोग लगाएं. इसके बाद कन्याओं को भोजन परोसें. सभी को भोजन कराने के बाद दक्षिणा और उपहार देकर विदा करेंं.
आज के कालचक्र में आप कन्या पूजन और नियमों के बारे में जान सकते हैं. इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए ऊपर दिए गए कालचक्र के वीडियो को देख सकते हैं.
विज्ञापन
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.