Kaal Bhairav Jayanti 2025: हर साल मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान काल भैरव जयंती धूमधाम से मनाई जाती है. इस वर्ष यह शुभ पर्व 12 नवंबर 2025, बुधवार यानी आज मनाया जा रहा है. भगवान शिव के इस उग्र रूप की आराधना से भय, बाधा और नकारात्मकता का अंत होता है. आइए जानते हैं, भगवान काल भैरव का महत्व, उनकी पूजा का सही तरीका और 3 ऐसे उपाय जो हर समस्या को दूर कर सकते हैं.
कौन हैं भगवान काल भैरव?
भगवान काल भैरव, महादेव का वह रूप हैं जो समय और न्याय के अधिपति माने जाते हैं. ‘काल’ का अर्थ है समय और ‘भैरव’ का अर्थ है भय का नाश करने वाला. पौराणिक कथा के अनुसार, जब ब्रह्मा जी ने शिव का अपमान किया, तब उनके क्रोध से भैरव जी प्रकट हुए और उन्होंने ब्रह्मा का एक सिर काट दिया. इस पाप से मुक्ति उन्हें काशी में मिली और तभी से वे काशी के कोतवाल यानी नगर रक्षक कहलाए.
काल भैरव की उपासना का महत्व
भैरव जी की पूजा से व्यक्ति को अदृश्य भय, बुरी शक्तियों और शत्रु बाधाओं से मुक्ति मिलती है. जो व्यक्ति सच्चे मन से उनकी उपासना करता है, उसे जीवन में स्थिरता, साहस और सफलता मिलती है. कहा जाता है कि भैरव जी की कृपा से समय का नियंत्रण भी साधक के पक्ष में हो जाता है.
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काल भैरव जयंती पर करें ये तीन शक्तिशाली उपाय
प्रिय भोग अर्पित करें
शाम के समय भैरव बाबा को उनका प्रिय भोग अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है. ये भोग हैं:
- जलेबी या इमरती: उड़द दाल से बनी इमरती या जलेबी भैरव जी को बहुत प्रिय है.
- काले तिल के लड्डू या उड़द के पकौड़े: इन्हें भोग लगाने से नकारात्मकता तुरंत दूर होती है.
- मदिरा: मदिरा या शराब अर्पित करने कानूनी झंझटों के मुक्ति मिलती है, रुके और अटके काम पूरे होते हैं.
मंत्र जाप से पाएं शक्ति
काल भैरव बाबा के मंत्र जाप से मन और आत्मा दोनों शुद्ध होते हैं. इन मंत्रों का 108 बार जाप करने से जीवन के हर संकट से सुरक्षा मिलती है. उनके प्रसिद्ध और शक्तिशाली मंत्र हैं:
- बटुक भैरव मंत्र: ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं.
- भैरव बीज मंत्र: ॐ भं भैरवाय नमः.
- भैरव गायत्री मंत्र: ॐ कालकालाय विद्महे, कालातीताय धीमहि, तन्नो काल भैरव प्रचोदयात्.
कुत्तों की सेवा करें
कुत्ता भगवान भैरव का वाहन है. इसलिए कुत्तों की सेवा करना सीधा भैरव पूजन का प्रतीक है. यह उपाय न केवल पुण्यदायी है, बल्कि कुंडली के दोष और शत्रु बाधाएं भी शांत करता है.
- काले कुत्ते को मीठी रोटी, दूध या पकवान खिलाएं.
- किसी बीमार या बेसहारा कुत्ते की सेवा करें, दवा दिलवाएं और देखभाल करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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