Jaya Ekadashi 2025: सनातन धर्म में एकादशी का व्रत सबसे महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि इसका व्रत मन और तन दोनों को प्रभावित करता है। एकादशी के व्रत को नियम के साथ पालन किया जाए तो यह लाभदायक होता है। एकादशी का व्रत करने से चंद्रमा के बुरे प्रभाव को रोका जा सकता है। व्यक्ति के जीवन पर ग्रहों का जो प्रभाव पड़ता है उसको भी रोका जा सकता है। धर्म की अच्छी खासी जानकारी रखने वाली नम्रता पुरोहित ने जया एकादशी से जुड़ी खास जानकारी दी है। आइए जानते हैं कि जया एकादशी कब है, व्रत और पूजा विधि क्या है?
कब है जया एकादशी?
इस बार एकादशी तिथि की शुरुआत 7 फरवरी 2025 शुक्रवार को रात 9:26 मिनट पर होगी, एकादशी तिथि का समापन 8 फरवरी 2025 शनिवार रात 8:14 मिनट पर होगी। उदया तिथि के अनुसार जया एकादशी का उपवास 8 फरवरी 2025 शनिवार को रखा जाएगा। एकादशी तिथि का पारण 9 फरवरी 2025 वार रविवार को होगा। इसका समय 9 फरवरी सुबह 7:04 मिनट से लेकर 9:17 मिनट तक रहेगा।
जया एकादशी की पूजा विधि
8 फरवरी शनिवार को एकादशी तिथि है। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा जरूर करनी चाहिए। इस दिन श्री हरि विष्णु और मां लक्ष्मी का पीपल के पेड़ में निवास होता है और इस दिन एकादशी तिथि का होना बहुत ही शुभ संयोग है। ऐसे में पीपल और केले के पेड़ की पूजा जरूर करें। सुबह घी का दीपक जलाएं, शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
कैसे रखते हैं जया एकादशी का व्रत
माघ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जया एकादशी कहा जाता है। एकादशी का व्रत निर्जल या फलाहार पर रखा जाता है। इस व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके व्रत का संकल्प ले, उसके बाद दोपहर 12:00 बजे से पहले भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना करें, भगवान कृष्ण को फलों और पंचामृत का भोग लगाए। श्री हरि विष्णु को पीला चंदन पीले पुष्प अर्पित करें। विष्णु सहस्त्रनाम और भगवद् गीता के 11वें अध्याय का पाठ जरूर करें।
जया एकादशी के दिन क्या न करें?
आप व्रत-उपवास करें या ना करें लेकिन इस दिन तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन मांस-मदिरा का प्रयोग ना करें। इस दिन मसूर की दाल,बैंगन और विशेषकर चावल खाना निषेध माना गया है।
ये भी पढ़ें- Video: हनुमान जी चमकाएंगे किस्मत, पंडित सुरेश पांडेय से जानें सफलता पाने के उपाय
जया एकादशी का महत्व
भगवान श्री कृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर से जया एकादशी के महत्व के बारे में बताया है। जया एकादशी जैसा कि नाम से ही जाना जा सकता है जय -विजय दिलवाने वाली एकादशी। इस एकादशी का व्रत करने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है, व्यक्ति को रोगों से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कहा जाता है कि इस दिन व्रत करने से व्यक्ति को बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। व्यक्ति भूत, पिशाच और प्रेत से मुक्त हो जाता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
संबंधित खबरें
कितने दिनों बाद उतारें कलावा? जानिए रक्षासूत्र से जुड़े हुए धार्मिक नियम
27 mins agoनवरात्रि में नवार्ण मंत्र जाप से दूर होंगे दुख, पंडित सुरेश पांडेय से जानिए
1 hr agoखाने से जुड़ी गलतियां ही नहीं, इन कारणों से भी टूट सकता है नवरात्रि का व्रत
2 hrs agoआज नवरात्रि के दूसरे दिन करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानिए विधि और मंत्र
6 hrs agoआज जरूर करें गणेश जी और नवग्रहों की स्थापना, यहां जानिए
22 hrs agoरसोई में मौजूद मसालों से जुड़े ज्योतिषीय उपाय, बन सकेंगे आपके काम
1 day agoसुख-समृद्धि के लिए धारण करें पीला पुखराज, दूर होगी पैसों की तंगी
1 day agoआज शारदीय नवरात्रि की शुरुआत, जानें जरूरी नियम, वरना अधूरी रह जाएगी पूजा
1 day agoशारदीय नवरात्रि में रोजाना करें मां दुर्गा की आरती, यहां पढ़ें लिरिक्स
1 day agoशारदीय नवरात्रि प्रतिपदा तिथि आज, जानिए कलश स्थापना मुहूर्त और पूजा विधि
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines