Indira Ekadashi: पितृपक्ष की इंदिरा एकादशी पर करें ये 3 उपाय, पितरों की कृपा से हर इच्छा होगी पूरी

Indira Ekadashi 2025 Upay: पितृपक्ष के समाप्त होने से कुछ दिन पहले 17 सितंबर 2025 को इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा-पाठ करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी तो खुश होती ही हैं, साथ ही पितृ भी प्रसन्न होते हैं। चलिए जानते हैं इंदिरा एकादशी व्रत के महत्व और उपायों के बारे में।

Indira Ekadashi

Credit- News 24 Gfx

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Indira Ekadashi 2025 Upay: पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए पितृपक्ष के दौरान पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है। खासकर शुभ तिथि और मुहूर्त में श्राद्ध कार्य व विशेष उपाय किए जाते हैं तो फल जरूर मिलता है। मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान पितृ व पूर्वज अपने कुल को आशीर्वाद देने के लिए स्वयं धरती पर आते हैं। इसलिए इस अवधि में साधक तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध और दान-पुण्य आदि कार्य करते हैं। साल 2025 में 7 सितंबर से लेकर 21 सितंबर तक पितृपक्ष चलेंगे, जिस बीच 17 सितंबर को इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

इंदिरा एकादशी के दिन जगत के पाहनहार भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा करना शुभ रहता है। साथ ही मां तुलसी और पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है। हालांकि, कुछ विशेष उपायों को करके भी इंदिरा एकादशी के दिन पितृ दोष से मुक्ति पाई जा सकती है। आइए जानते हैं इंदिरा एकादशी के उपायों के बारे में।

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पितरों को खुश करने का उपाय

यदि आपको लगता है कि आपके पितृ आपसे नाराज हैं या आप पितृ दोष का सामना कर रहे हैं तो इस शुभ दिन किसी अनुभवी व्यक्ति से श्राद्ध पूजा करवाएं। साथ ही तुलसी के पेड़ और पीपल के पेड़ की पूजा करें। तुलसी के पेड़ के पास घी का एक दीपक जलाएं और पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का एक दीपक जलाएं। अब कपड़े, धन या फल का दान करें। इस दौरान पितरों का स्मरण करें और अपनी इच्छा को तीन से पांच बार बोलें। इस उपाय से आपके पितृ खुश होंगे और आपकी इच्छा को जल्द पूरा कर सकते हैं।

पापों से मुक्ति पाने का उपाय

इंदिरा एकादशी के शुभ दिन 5 या 7 ब्राह्मण को भोजन कराएं और उन्हें दान दें। साथ ही शाम के समय घर की दक्षिण दिशा में घी का एक दीपक जलाएं। इस दौरान अपने पितरों का स्मरण करें और उनसे अपनी गलतियों के लिए माफी मांगें। साथ ही घर-परिवार की सुख और शांति के लिए प्रार्थना करें। इस उपाय से आपको पुण्य मिलेगा और पितृ खुश होंगे। साथ ही पूर्ण से पूर्ण जन्मों के पापों से भी मुक्ति मिल सकती है।

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पितृ दोष से मुक्ति पाने का उपाय

इंदिरा एकादशी के दिन श्राद्ध आदि कार्य करने के बाद भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा करें। साथ ही पीपल के पेड़ की जड़ में गाय का कच्चा दूध अर्पित करें और सरसों के तेल का एक दीपक जलाएं। अब पेड़ की 11 परिक्रमा करें और विष्णु मंत्र का जाप करें। पितरों को स्मरण करते हुए जाने-अनजाने में की गई गलतियों के लिए माफी मांगें। इस उपाय को करने के बाद आपको व आपके परिवारवालों को पितृ दोष से मुक्ति मिल सकती है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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