TrendingAyodhya Ram MandirDharmendra & Hema MaliniBigg Boss 19Gold Price

---विज्ञापन---

क्या आपके घर के पास है नदी-नाला, हो जाएं सचेत, जानें किस ओर होनी चाहिए पानी के बहाव की दिशा

Vastu Tips: अपना घर होना एक अच्छे सौभाग्य की निशानी है। लेकिन यह सौभाग्य दुर्भाग्य में न बदले, इसके लिए मकान बनवाने या खरीदने से पहले वास्तु के दो नियमों का ध्यान विशेष रूप से रखना चाहिए- घर के पास नदी-नाला और जल बहाव की दिशा। आइए जानते हैं, इससे जुड़े वास्तु नियम।

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में जल यानी पानी, नदी-नाले और जल की बहाव की दिशा को बहुत महत्व दिया गया है। इस शास्त्र के मुताबिक घर बनाने के लिए जमीन लेते समय या मकान बनवाते समय दो महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। पहला यह कि घर के पास कोई नदी या नाला न हो और दूसरा यह कि पानी के बहाव की दिशा किस ओर है? आइए जानते हैं, इसे लेकर वास्तु शास्त्र में क्या कहा गया है?

घर के पास न हो नदी-नाला

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, कभी भी घर से सटा हुआ कोई नदी या नाला नहीं होना चाहिए। इस वास्तु नियम का उल्लंघन करने से घर में भयंकर वास्तु दोष पैदा होता है। घर की समृद्धि और घर के सदस्यों की प्रगति पर विशेष असर पड़ता है। इससे न केवल प्रगति रुकती है, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं।

पानी के बहाव की शुभ-अशुभ दिशा

वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब भी मकान बनवाएं तो पानी के स्रोत और उसके बहाव की दिशा का निश्चित रूप से ध्यान रखें। पानी के निकास के लिए सबसे अच्छी दिशा उत्तर है। जिन घरों पानी के बहाव की दिशा दक्षिण, पश्चिम या नैऋत्य कोण यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर होता है, उस घर के वासी कभी खुश नहीं रहते हैं। जबरदस्त धन हानि होती है, परिवार कलह बढ़ जाता है, घर में अप्रिय घटनाएं जैसे आत्महत्या, दुर्घटनाएं या अकाल मृत्यु हो सकती हैं।

किस दिशा में बहना चाहिए वर्षा का जल

वास्तु नियम के मुताबिक, मकान बनवाते समय जल बहाव के लिए ढलान उत्तर दिशा में रखना चाहिए। वर्षा के पानी का इस दिशा में निकासी होने से घर में धन-दौलत की बरकत होती है। लेकिन साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि वह पड़ोसी के घर में नहीं जाना चाहिए, अन्यथा रिश्ते खराब हो सकते हैं।

जल बहाव की यह दिशा है सबसे अशुभ

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर या प्लॉट में पानी के बहाव की दिशा भूल कर भी आग्नेय कोण यानी दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर नहीं होना चाहिए। यह दिशा बेहद अशुभ मानी गई है, जो मृत्यु का कारक होता है। जबरदस्त धन हानि होती है। ये भी पढ़ें: दिल्ली का नीली छतरी मंदिर, पांडवों ने यहीं किया था अश्वमेध यज्ञ, जानें क्यों लगाते हैं 5 लड्डुओं का भोग ये भी पढ़ें: अनंत अंबानी-राधिका मर्चेंट की शादी 12 जुलाई को ही क्यों? जानें तिथि, नक्षत्र और दिन का महत्व
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।


Topics: