Karwa Chauth 2026 Today: करवा चौथ का व्रत हर साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है. आज 29 अक्टूबर 2026 गुरुवार को करवा चौथ है. करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं पति की आयु लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत करती हैं. करवा चौथ का व्रत सुबह सूर्योदय से लेकर शाम को चंद्रोदय तक किया जाता है. करवा चौथ पर महिलाएं शाम को चंद्र दर्शन करने के बाद और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलती हैं.
करवा चौथ पर चांद दिखने के बाद और पूजा विधि के बाद ही व्रत खोला जा सकता है. आज चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर के कारण दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और पूर्व भारत के तटीय राज्यों पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में बादल छाए रह सकते हैं. बादल छाए रहने के कारण चांद दिखने में बाधा आ सकती है. चांद के बादलों के पीछे छिप जाने पर महिलाएं व्रत कैसे खोल सकते हैं. इसके बारे में पंडित सत्यम विष्णु अवस्थी से जान सकते हैं. चंद्र दर्शन न होने पर पूजा के नियमों और व्रत खोलने के बारे में जानते हैं.
चांद ना दिखने पर कैसे खोलें व्रत?
करवा चौथ व्रत पर आप सबसे पहले अपने शहर में चंद्रोदय का समय देखें. इसके बाद चंद्रोदय का समय होने के बाद छत पर या खुलें क्षेत्र में जाकर चंद्रमा को देखें. अगर बादल छाए रहने के कारण लंबे समय तक चंद्रमा नहीं दिखता हैं तो, आप यहां बताए उपाय को कर सकते हैं. आप चंद्र उदय की दिशा की ओर मुख करके पूजा कर सकते हैं. इसके लिए आप पूजा करने के समय वहां भगवान शिव की मस्तक पर चंद्रमा वाली तस्वीर रखें.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा करें और चंद्रमा को अर्घ्य दें. आप भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा के दर्शन करें. आप भगवान शिव की प्रतिमा वाले उपाय के अलावा चौकी पर चावल या शुद्ध आटे से चांद की आकृति बनाकर बनाकर इसके दर्शन करके व्रत खोल सकते हैं. हालांकि, व्रत खोलने के लिए स्थानिय परंपराओं के बारे में जानें और परिवार के बुजुर्गों की सलाह अवश्य लें. व्रत खोलने के नियम मान्यताओं के अनुसार, अलग हो सकते हैं.
करवा चौथ व्रत खोलने की विधि
करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन करने और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोल सकते हैं. चांद ना दिखने पर आप ऊपर बताए विकल्प को अपना सकते हैं. सबसे पहले चांद के दर्शन करें. चंद्रमा की पूजा और आरती करें. परंपराओं के अनुसार, छलनी से पहले चंद्रमा को देखें और फिर छलनी से अपने पति का चेहरा देखें. पति का तिलक करें और पैर छूकर आशीर्वाद लें. इसके बाद पति के हाथ से पानी पीकर और मिठाई खाकर व्रत खोलें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यातों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.