Holika Dahan 2025: होलिका दहन न देखें ये 5 लोग, मिलेगा भयंकर कष्ट और रोग!

Holika Dahan 2025: 13 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार कुछ लोगों को होलिका दहन नहीं देखना चाहिए। मान्यता है कि इस दौरान कुछ लोगों पर नकारात्मक ऊर्जा का असर पड़ सकता है। इस कारण कुछ लोगों को होलिका दहन से बचने की सलाह दी जाती है।

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भूलकर भी न देखें होलिका दहन!

Holika Dahan 2025: होली का पर्व हिंदू धर्म का बड़ा त्योहार है। साल 2025 में 13 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा। होली का त्योहार वैसे तो हिंदू धर्म में बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व माना जाता है। इस पर्व को काफी उल्लास के साथ मनाया जाता है। होलिका की अग्नि में लोग अपने जीवन के दुखों और नकारात्मकता को जलाकर सकारात्मकता लाने का प्रयास करते हैं।

मान्यता है कि होलिका दहन की अग्नि में आहुति देने से परिवार में सुख और समृद्धि बनी रहती है। इसके साथ ही जीवन में पॉजिटिव एनर्जी भी आती है। वहीं, माना जाता है कि कुछ लोगों को होलिका दहन की अग्नि नहीं देखनी चाहिए और न ही इस पूजा में शामिल होना चाहिए। इसे पीछे कुछ ज्योतिषीय कारण भी हैं। आइए जानते हैं कि होलिका दहन किन लोगों को देखना नहीं चाहिए।

नवविवाहित दुल्हन को नहीं देखना चाहिए होलिका दहन

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिन लोगों की अभी नई शादी हुई है उनको होलिका दहन नहीं देखना चाहिए। इसके साथ ही ससुराल में तो पहली होली भी नहीं मनानी चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से उनके वैवाहिक जीवन में बाधाएं आती हैं।

सास और बहू

होलिका दहन कभी भी सास और बहू को एकसाथ नहीं देखना चाहिए। ऐसा करने से सास-बहू के रिश्तों में खटास आ सकती है। माना जाता है कि उनकी लाइफ पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसके साथ ही भयंकर कष्ट मिलता है।

गर्भवती महिलाएं

गर्भवती महिलाओं को होलिका दहन में कभी भी भाग नहीं लेना चाहिए। इससे गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान हो सकता है। नकारात्मक शक्तियों का असर उस बच्चे पर पड़ सकता है। इससे मां और बच्चा दोनों को गंभीर रोग होने की भी संभावना रहती है।

नवजात शिशु

किसी भी बच्चे को होलिका दहन की अग्नि के पास तब तक नहीं ले जाना चाहिए, जब तक उसका मुंडन संस्कार न हो जाए। इसके पहले होलिका दहन की अग्नि के पास बच्चे को ले जाना उसकी सेहत के लिए भी हानिकारक होता है।

मासिक धर्म में न जाएं

अगर किसी लड़की के मासिक धर्म चल रहे हैं तो उसे होलिका दहन के समय अग्नि के समीप नहीं जाना चाहिए। इसका कारण यह है कि हिंदू धर्म में मासिक धर्म के दौरान किसी भी प्रकार का कोई पूजन नहीं किया जाता है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Mohit Tiwari

Mohit Tiwari

मोहित 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन सालों में इन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। इनको फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क के साथ ही चैनल, प्रिंट और डिजिटल माध्यम में काम करने का अनुभव है। इसके साथ ही Astroyogi  व अन्य एस्ट्रोलॉजी प्लेटफॉर्म के लिए भी काम कर चुके हैं। इन्होंने एस्ट्रोलॉजी का गहन अध्ययन किया हुआ है। इसके चलते पुराणों और शास्त्रों में छिपे गूढ़ रहस्यों को लोगों तक सरल भाषा में पहुंचाने की कोशिश भी अपने आर्टिकल्स के माध्यम से करते हैं। धर्म के साथ ही लाइफस्टाइल के भी जटिल विषयों को सरलता से पाठकों के समक्ष रखते हैं। अब News 24 के साथ जुड़कर फीचर लेखन का कार्य कर रहे हैं।
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