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Hindu Nav Varsh 2026: कब से होगी हिंदू नव वर्ष की शुरुआत? 12 नहीं 13 महीनों का साल, जानिए क्यों?

Hindu Nav Varsh 2026: दुनियाभर में नए साल की शुरुआत 1 जनवरी को होती है. हिंदू पंचांग के अनुसार, नव वर्ष की शुरुआत चैत्र माह में शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को होती है. इस साल विक्रम संवत 2083 की शुरुआत होगी.

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Photo Credit- News24GFX

Hindu Nav Varsh 2026: हिंदू धर्म में अधिकांश शुभ काम पंचांग के आधार पर होते हैं. शादी, मुंडन, गृह प्रवेश और नए काम की शुरुआत के लिए लोग मुहूर्त और पंचांग देखते हैं. इसी के आधार पर हिंदूओं का नव वर्ष होता होता है. अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक, नया साल 1 जनवरी को होता है जबकि, पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को नए साल की शुरुआत होती है. हिंदू धर्म में अब विक्रम संवत 2083 की शुरुआत होगी. चलिए जानते हैं साल 2026 में नव वर्ष कब से शुरू होगा?

कब शुरू होगा हिंदू नव वर्ष?

वैदिक कैलेंडर के अनुसार, हिंदू नव वर्ष की शुरुआत चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से होगी. इस दिन ही मां दुर्गा के स्वरूप की पूजा के लिए नवरात्रि की शुरुआत होती है. द्रिंक पंचांग के अनुसार, 19 मार्च 2026, दिन गुरुवार को चैत्र पक्ष प्रतिपता तिथि की शुरुआत होगी. इसी दिन यानी 19 मार्च से हिंदू नव वर्ष शुरू होगा. इस दिन हिंदू धर्म के अनुसार, नए साल विक्रम संवत 2083 की शुरुआत होगी.

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12 नहीं, 13 महीने का होगा हिंदू वर्ष

विक्रम संवत 2083 इस बार 12 महीने नहीं बल्कि, 13 महीने का होगा. यह वर्ष 13 महीने का होगा. दरअसल, हिंदू पंचांग चंद्रमा की चाल पर आधारित होता है. चंद्र वर्ष में कुल 354 दिन होते हैं और सौर वर्ष में कुल 365 दिन होते हैं. इन 11 दिनों का अंतर संतुलित करने के लिए हर तीन साल बार अधिकमास का वर्ष होता है. अधिकमास में 12 की जगह 13 महीने होते हैं. ज्योतिषियों के अनुसार, इस साल विक्रम संवत 2083 में 17 मई से लेकर 15 जून के बीच ज्येष्ठ का महीना होगा जो अधिकमास होगा. इस बार दो ज्येष्ठ महीने होंगे.

क्या है अधिकमास का धार्मिक महत्व?

अधिकमास का विशेष धार्मिक महत्व होता है. यह महीना आध्यात्मिक विकास, पाप मुक्ति, पितृ दोष निवारण और विष्णु कृपा प्राप्त के लिए खास माना जाता है. अधिकमास में स्नान-दान और मंत्र जाप करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. इस महीने को भगवान विष्णु ‘पुरुषोत्तम’ के नाम से जाना जाता है. अधिकमास में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना का महत्व होता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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