Happy Bakrid 2024 Wishes: भारत के मुस्लिम समुदायों द्वारा आज पूरे देश में बकरीद त्योहार मनाया जा रहा है। यह ईद उल-फितर यानी मीठी ईद के लगभग 70 दिनों के बाद मनाया जाता है। बकरीद के मौके पर मुस्लिम परिवारों में जश्न का माहौल अपने एक अलग लेवल पर होता है। यदि आप इस खास मौके को और भी खास बनाना चाहते हैं, तो अपने फैमिली मेंबर, रिश्तेदारों और दोस्तों को इस दिन का बधाई संदेश भेज सकते हैं। इसके लिए हमने आपके लिए खूबसूरत इमेज मैसेज बनाएं हैं, जिसे आप व्हाट्सएप पर भेज कर ‘बकरीद मुबारक’ कह सकते हैं।
बता दें, पूरी दुनिया के मुस्लिम समुदाय इस्लामी साल में केवल एक ईद नहीं, बल्कि दो ईद मनाते हैं। एक, रमजान के पवित्र महीने में ईद उल-फितर और दूसरा साल के अंतिम जुल-हिज्जा के महीने में ईद उल-अजहा। भारत में ईद उल-अजहा ‘बकरीद’ के नाम से अधिक पॉपुलर है।
यह त्योहार हजरत इब्राहिम और उनके पुत्र हजरत इस्माइल से जुड़ी उस घटना की याद में मनाया जाता है, जब खुदा की राह में हजरत इब्राहिम अपने बेटे कुर्बान करने जा रहे थे कि तभी अल्लाह के फरिश्तों ने उनके बेटे को जीवनदान दे दिया और उसकी जगह एक जानवर की कुर्बानी दिलवाई।
बकरीद के दिन मुसलमान सुबह पाक-साफ होकर और नए कपड़े पहनकर ईदगाह में जाकर ईद की नमाज पढ़ते हैं और नमाज अता करने के बाद एक-दूसरे के गले मिलकर मुबारकबाद देते हैं।
नमाज के बाद प्रायः बकरे की कुर्बानी की जाती है। कुर्बानी को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। एक हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों को दिया जाता है, दूसरा हिस्सा परिवार के लिए और तीसरा हिस्सा रिश्तेदारों और करीबी लोगों और दोस्तों के लिए होता है।
जुल-हिज्जा का महीना और बकरीद का समय मुसलमानों के लिए साल का एक सबसे खास समय और बहुत पवित्र होता है, क्योंकि यह हज यात्रा का भी प्रतीक है। बता दें, हर साल पूरी दुनिया से लाखों मुसलमान हज के लिए मक्का जाते हैं।
कुर्बानी या ईद उल-अजहा का त्योहार इस्लामी कैलेंडर हिजरी के आखिरी महीने जुल-हिज्जा के 10वें दिन मनाया जाता है। मान्यता है कि कुर्बानी दिन किसी को भी भूखा नहीं रहना चाहिए।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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