Guru Pradosh Vrat and Masik Shivratri 2026: आज 8 अक्टूबर को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है. हर महीने दोनों पक्षों की त्रयोदशी के दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है. ऐसे में आज प्रदोष व्रत है. गुरुवार का दिन होने के कारण आज गुरु प्रदोष व्रत है. बता दें कि, गुरु प्रदोष व्रत के साथ ही आज मासिक शिवरात्रि भी है. त्रयोदशी तिथि का समापन रात को 11 बजकर 15 मिनट पर होगा. इसके बाद चतुर्थी तिथि आरंभ होगी.
मासिक शिवरात्रि प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है. मासिक शिवरात्रि पर्व की पूजा चतुर्थी तिथि पर रात्रि मुहूर्त में की जाती है. ऐसे में देर रात त्रयोदशी तिथि का आरंभ होगा. इसके बाद रात को निशिता मुहूर्त में महादेव की पूजा अर्चना की जाएगी. इस प्रकार आज ही महादेव की पूजा के लिए दो शुभ संयोग बन रहे हैं. गुरु प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में और मासिक शिवरात्रि की पूजा निशिता काल में करें.
गुरु प्रदोष 2026 पूजा मुहूर्त
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ – 07 अक्टूबर, 2026 रात 11 बजकर 16 मिनट
त्रयोदशी तिथि समापन – 08 अक्टूबर, 2026 रात 11 बजकर 15 मिनट
प्रदोष पूजा मुहूर्त का आरंभ – 08 अक्टूबर, 2026 शाम को 5 बजकर 18 मिनट
प्रदोष पूजा मुहूर्त का समापन – 08 अक्टूबर, 2026 रात को 7 बजकर 44 मिनट
प्रदोष व्रत की पूजा शाम को कर सकते हैं. पूजा के लिए 2 घंटे 27 मिनट का मुहूर्त प्राप्त हो रहा है. इस दौरान विधि-विधान से शिव जी की पूजा करें और शिवलिंग पर जलाभिषेक करें.
मासिक शिवरात्रि 2026 पूजा मुहूर्त
मासिक शिवरात्रि की पूजा मध्यरात्रि में निशिता काल में की जाती है. आश्विन माह की मासिक शिवरात्रि के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त रात को 11 बजे से लेकर 11 बजकर 49 मिनट तक रहेगा. इस मुहूर्त में मासिक शिवरात्रि की रात्रि पूजा कर सकते हैं. शिवलिंग पर जल, दूध, बिल्व पत्र, फूल आदि अर्पित करें. इसके साथ ही शिव मंत्रों का जाप करें.
भगवान शिव जी के मंत्र
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमो भगवते रुद्राय
ॐ पशुपतये नमः
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.