Good Friday 2025: गुड फ्राइडे को “होली फ्राइडे”, “ग्रेट फ्राइडे” या “ब्लैक फ्राइडे” भी कहा जाता है। यह दिन ईसा मसीह की क्रूस पर मृत्यु की याद में मनाया जाता है। बाइबल के अनुसार, ईसा मसीह ने मानवता को पापों से मुक्ति दिलाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने जीवनभर करुणा, प्रेम, और सत्य का संदेश दिया, लेकिन उन्हें झूठे आरोपों में फंसा कर क्रूस पर चढ़ा दिया गया।
गुड फ्राइडे वह दिन है जब ईसा मसीह को क्रॉस पर चढ़ाया गया था, जिसे ‘क्रूस पर चढ़ना’ (Crucifixion) कहा जाता है। यह घटना लगभग 2000 साल पहले यरूशलेम (Jerusalem) में हुई थी। बाइबिल में न्यू टेस्टामेंट (New Testament) के अनुसार, यीशु मसीह को यहूदी नेताओं और रोमन गवर्नर पिलातुस ने झूठे आरोपों में दोषी ठहराया और उन्हें क्रूस (शूली) पर लटका दिया था।
यह घटना मत्ती (Matthew) 27, मरकुस (Mark) 15, लूका (Luke) 23 और यूहन्ना (John) 19 में विस्तार से बताई गई है। इसी कारण गुड फ्राइडे को क्रिश्चियन लोग शोक और आत्मचिंतन के साथ मनाते हैं। इस दिन चर्चों में विशेष प्रार्थनाएं होती हैं, उपवास रखा जाता है और ईसा मसीह के बलिदान को याद किया जाता है।
क्या है प्रार्थना का महत्व ?
- ईसा मसीह ने सिखाया है कि भगवान सबको माफ कर देते हैं। इस कारण गुड फ्राइडे की प्रार्थना आत्मा को निर्मल और पावन करने का माध्यम है।
- यीशु मसीह की कुर्बानी के जरिए मानव जाति के पापों का प्रायश्चित हुआ, लेकिन हर व्यक्ति को भी अपनी गलतियों पर पश्चाताप जरूर करना चाहिए।
- जब हम प्रेयर करते हैं, तो मन में मजबूती, धैर्य और आशा का संचार होता है, ठीक वैसे ही जैसे यीशु मसीह ने पीड़ा के बावजूद क्षमा और प्रेम का संदेश दिया।
- ईसा मसीह ने मरते समय भी अपने दुश्मनों के लिए दुआ की। इसी भावना से प्रेरित होकर लोग दूसरों की भलाई के लिए भी प्रार्थना करते हैं।
- बाइबल के अनुसार, यीशु का बलिदान लोगों को मोक्ष की ओर ले जाता है। प्रेयर उस रास्ते को अपनाने की शुरुआत मानी जाती है।
गुड फ्राइडे के दिन किए जाते हैं ये काम
गुड फ्राइडे के दिन लोग चर्चों में जाकर मौन प्रार्थना करते हैं। इसके साथी ही इस दिन काले कपड़े पहने जाते हैं। मांसाहार और ऐशोआराम से इस दिन दूर रहा जाता है। यीशु की अंतिम घड़ियों का वर्णन करने वाले बाइबल के अध्यायों का पाठ किया जाता है। लोग ‘क्रॉस वॉक’ या ‘वे ऑफ क्रॉस’ जैसी रीतियों में भाग भी लेते हैं।
हर साल क्यों बदलती है तारीख?
गुड फ्राइडे की तारीख वसंत विषुव (Spring Equinox) के बाद पड़ने वाली पूर्णिमा (Full Moon) के अगले शुक्रवार को पड़ती है। वसंत विषुव और पूर्णिमा हर साल अलग दिन होती है, इसलिए गुड फ्राइडे की तारीख भी हर साल बदलती है।
इसके अलावा ग्रेगोरियन कैलेंडर का इस्तेमाल अधिकांश ईसाई चर्चों में किया जाता है, जबकि कुछ चर्च जूलियन कैलेंडर का पालन करते हैं। इन दोनों कैलेंडरों के बीच फर्क होने की वजह से गुड फ्राइडे की तारीख में अंतर हो सकता है और यही कारण है कि अलग-अलग चर्चों में यह दिन अलग-अलग तारीखों पर मनाया जाता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें- क्यों मनाते हैं ‘गुड फ्राइडे’, जानिए ‘गुड’ का असली मतलब?
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