Dussehra 2025: दशहरा पर इस मुहूर्त में करें भाई का तिलक, जानें तिथि और कान पर जौ लगाने का महत्व

Dussehra 2025 Date & Shubh Muhurat: हर साल देशभर में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के तौर पर दशहरा का पर्व मनाया जाता है. हालांकि, देश के कई राज्यों में इस दिन बहनों द्वारा भाई का तिलक करके उनके कान पर जौ भी लगाए जाते हैं. चलिए जानते हैं दशहरा की तिथि, टीका करने और रावण दहन के शुभ मुहूर्त के बारे में.

Dussehra 2025

Credit- News 24 Gfx

Dussehra 2025 Date & Shubh Muhurat: सनातन धर्म के लोगों के लिए दशहरे के पर्व का खास महत्व है, जिसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, त्रेता युग में भगवान श्री राम ने आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को रावण का वध करके माता सीता को बचाया था, जिसके बाद से हर साल इस तिथि पर बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के तौर पर दशहरा का पर्व मनाया जाने लगा. इस दिन लोग भगवान राम की पूजा करने के बाद रावण दहन करते हैं. हालांकि, रावण के साथ उनके बेटे मेघनाद और भाई कुंभकरण का भी पुतला जलाया जाता है.

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इसके अलावा इस तिथि पर आदिशक्ति मां दुर्गा ने महिषासुर दानव का वध भी किया था, जिस कारण इस दिन दुर्गा विसर्जन करके शारदीय नवरात्रि पर्व का समापन किया जाता है. हालांकि, देश के कई राज्यों में इस दिन बहनों द्वारा भाई का टीका और उनके कान पर जौ लगाने की भी परंपरा है. चलिए जानते हैं इसी परंपरा के बारे में.

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दशहरा पर टीका करने का महत्व

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन घर में एक गमले में जौ बोए जाते हैं, जिनमें 9 दिनों तक नियमित रूप से जल दिया जाता है. 10वें दिन यानी दशहरा के दिन शुभ मुहूर्त में जौ को काटा जाता है और किसी शुद्ध थाली में रखा जाता है. फिर गमले में पानी और सिक्के डाले जाते हैं. अब शुभ मुहूर्त में बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक करती हैं और सीधे कान पर तीन या पांच जौ लगाती हैं. साथ ही भाई को मीठा खिलाती हैं, जिसके बदले में भाई अपनी बहन को मिठाई खिलाते हैं और उन्हें गिफ्ट देते हैं.

धार्मिक मान्यता के अनुसार, जौ को शुद्धता का प्रतीक माना जाता है, जिसे बहन द्वारा कान पर धारण करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है. सााथ ही ये परंपरा समाज में एकता और भाई-बहन के बीच के प्रेम को बढ़ाती है. इसके अलावा कुछ लोग इस दिन अपने औजार, वाहन, किताबें और नई वस्तुएं आदि अस्त्र-शस्त्र की पूजा करते हैं, जो शक्ति और ज्ञान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक तरीका है.

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2025 में दशहरा कब है?

द्रिक पंचांग के मुताबिक, इस बार 1 अक्टूबर 2025 की शाम 07:01 से आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का आरंभ होगा, जिसका समापन 2 अक्टूबर की शाम 07:10 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के आधार पर 2 अक्टूबर 2025, वार गुरुवार को दशहरा मनाया जाएगा.

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दशहरा के दिन के शुभ मुहूर्त

  • भाई का तिलक करने का शुभ मुहूर्त- दोपहर में 01:40 से 04:03 मिनट तक
  • भाई का तिलक करने का विजय मुहूर्त- दोपहर में 02:28 से 03:16 मिनट तक
  • रावण दहन का शुभ मुहूर्त- शाम 06:05 से लेकर देर रात तक

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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