Durga Visarjan 2026: आश्विन माह की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से लेकर नवमी तिथि तक शारदीय नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. इस दौरान षष्ठी तिथि से लेकर दशहरे तक दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता है. दुर्गा पूजा का पर्व खासकर पश्चिम बंगाल में मनाया जाता है. इसके अलावा भी देशभर में कई जगहों पर दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता है. दुर्गा पूजा के समापन के बाद दुर्गा विसर्जन किया जाता है. दुर्गा विसर्जन के दौरान भक्त मां दुर्गा की प्रतिमा को पवित्र नदी या सरोवर में विसर्जित करते हैं.
कब है दुर्गा विसर्जन?
दुर्गा विसर्जन का पर्व हर साल विजयादशमी के दिन मनाया जाता है. दशहरे पर लोग बड़े ही धूमधाम से मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन करते हैं. इस बार आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का आरंभ 20 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर होगा. इसका समापन अगले दिन 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर होगा. द्रिक पंचागं के अनुसार, दशमी तिथि 20 अक्टूबर को मान्य होगी. इस दिन दुर्गा विसर्जन का पर्व मनाया जाएगा.
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दुर्गा विसर्जन की विधि
विजयादशमी के दिन दुर्गा विसर्जन के लिए सर्वप्रथम मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करें. विसर्जन के लिए जाने पर आप नदी के तट पर पहुंचने के बाद पूजा जरूर करें. मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने धूप और दीप जलाएं. माता को फूल, अक्षत, सिंदूर, लाल चुनरी और नारियल अर्पित करें. मंत्रों का जाप करें. हलवा, पूड़ी और खीर का भोग लगाएं. मां दुर्गा की आरती करें और गलतियों के लिए क्षमा मांगें. इसके साथ ही शुद्धता और पवित्रा के साथ मां दुर्गा का विसर्जन करें.
मां दुर्गा विसर्जन मंत्र और शुभ मुहूर्त
- गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठे स्वस्थानं परमेश्वरि।
पूजाराधनकाले च पुनरागमनाय च॥ - नमस्तेऽस्तु महादेवि महा मायि सुरेश्वरि।
ख्यातं यत् त्वं प्रसन्ना च प्रसन्नं सर्वतो भव॥
मां दुर्गा विसर्जन के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर को 12 बजकर 50 मिनट से लेकर 2 बजकर 49 मिनट तक रहेगा. दुर्गा विसर्जन के लिए कुल 1 घंटे 59 मिनट का मुहूर्त प्राप्त हो रहा है. आप इस दौरान विधि-विधान के साथ मां दुर्गा का विसर्जन कर सकते हैं.
इन बातों का रखें ध्यान
दुर्गा विसर्जन के दौरान शुद्धता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. आप शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा करने के बाद ही विसर्जन करें. दुर्गा विसर्जन बहते हुए साफ जल में करना चाहिए. गंदगी वाले पानी और गंदगी वाली जगह पर विसर्जन करने से बचें. आप सरकार द्वारा बनाए गए मूर्ति विसर्जन स्थल और कृत्रिम तालाब में विसर्जन कर सकते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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