Dhundiraj Chaturthi 2026 Today Shubh Muhurat, Puja Vidhi & Vrat Ke Paran Ka Samay: भगवान गणेश के भक्तों के लिए ढुण्ढिराज चतुर्थी का दिन बेहद खास होता है. इस तिथि पर न सिर्फ भक्त पूजा-पाठ करते हैं, बल्कि व्रत भी रखते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, ढुण्ढिराज चतुर्थी पर भगवान गणेश के ढुण्ढिराज स्वरूप की पूजा करने से तमाम संकटों से छुटकारा मिलता है और जीवन में खुशहाली का आगमन होता है.
पंचांग के अनुसार, इस बार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ कल 20 फरवरी, शुक्रवार को दोपहर 02:38 मिनट पर हो गया है, जिसका समापन आज 21 फरवरी, शनिवार को दोपहर 01 बजे होगा. ऐसे में आज 21 फरवरी 2026 को ढुण्ढ़िराज चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है.
ढुण्ढिराज चतुर्थी की पूजा का शुभ मुहूर्त (dhundiraj chaturthi ke puja ka shubh muhurt kab hai today)
- प्रातः सन्ध्या- सुबह 05 बजकर 38 मिनट से 06 बजकर 54 मिनट तक
- वर्जित चन्द्रदर्शन का समय- सुबह 08 बजकर 56 मिनट से रात 10 बजकर 16 मिनट तक
- चतुर्थी मध्याह्न मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 27 मिनट से दोपहर 01 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से दोपहर 12 बजकर 58 मिनट तक
- सायाह्न सन्ध्या- शाम 06 बजकर 15 मिनट से शाम 07 बजकर 31 मिनट तक
ढुण्ढिराज चतुर्थी व्रत की विधि (dhundiraj chaturthi ke puja kaise karen vidhi se)
- प्रातः काल में उठकर स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
- हाथ में चावल, फल, पानी या पुष्प लेकर व्रत का संकल्प लें.
- पूजा के स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें.
- मंदिर में चौकी स्थापित कर उस पर पीले रंग का वस्त्र बिछाकर कलावा बांधे.
- चौकी पर स्वस्तिक का चिन्ह बनाकर गणेश जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें.
- गणेश जी को फूल, माला, दूर्वा, वस्त्र, फल, सिंदूर, अक्षत और मोदक अर्पित करें.
- घी का दीपक जलाएं.
- ढुण्ढिराज चतुर्थी व्रत की कथा, गणेश चालीसा और मंत्रों का पाठ करें.
- आरती करें.
- शाम में गणेश जी की पुनः पूजा करें और प्रसाद को खाकर व्रत खोलें.
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ढुण्ढिराज चतुर्थी का व्रत कब खोलें? (dhundiraj chaturthi ka vrat kab khola jaega)
आज 21 फरवरी 2026 को चन्द्रोदय सुबह 08 बजकर 56 मिनट पर और चन्द्रास्त रात 10 बजकर 19 मिनट पर होगा, जबकि फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का समापन दोपहर में 02 बजकर 38 मिनट पर हो रहा है. ऐसे में आज रात 10 बजकर 19 मिनट के बाद आप ढुण्ढिराज चतुर्थी के व्रत का पारण कर सकते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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