Dhanteras Upay: खुशियों के प्रतीक दिवाली के पर्व को हिंदुओं का प्रमुख त्योहार माना जाता है। इस दिन लोग देवी-देवताओं की पूजा करने के साथ-साथ पटाखे जलाते हैं। साथ ही अपने घर व दुकान को लाइटों, फूलों और दीपकों से सजाते हैं। दीवाली पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है।
धनतेरस पर धन की देवी मां लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर और आयुर्वेद के देवता धन्वंतरि जी की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। साथ ही सोना-चांदी और बतर्न खरीदना शुभ माना जाता है। इसके अलावा धनतेरस के दिन चुपचाप एक प्रभावशाली उपाय को करना काफी फायदेमंद हो सकता है। इससे साधक को देवी-देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होगी। साथ ही जीवनभर जेब पैसों से भरी रहेगी। चलिए जानते हैं धनतेरस की रात के उसी प्रभावशाली उपाय के बारे में।
धनतेरस का गुप्त उपाय
धनतेरस की रात यम के नाम का दीपक जरूर जलाएं, जिसे घर के मुख्य द्वार के पास रखा जाता है। यदि आप धनतेरस पर यम के नाम का दीपक जला रहे हैं, तो उसे थोड़ा बड़ा लें। दीपक को सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए। घर के मुख्य द्वार के पास पहले थोड़े से चावल या गेहूं रखें। फिर उसके ऊपर दीया रखें। दीपक के अंदर सरसों का तेल भरें और बत्ती लगाएं। माचिस से बत्ती जलाएं और रातभर उसे वहीं पर जला रहने दें। दीपक को जलाने के बाद उसे अपनी जगह से दोबारा नहीं हटाना चाहिए और न ही पीछे मुड़कर देखना चाहिए।
अगले दिन उस दीपक को घर के अंदर लेकर नहीं आए, बल्कि दीपक और चावल या गेहूं को उठाकर किसी बैग में रख लें और उसे किसी चौराहे पर रख आएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यदि ये उपाय आप चुपचाप सच्चे मन से करते हैं, तो यकीनन ही आपके घर में धन की देवी माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर जी का वास होगा। देवी-देवताओं के आशीर्वाद से जीवन में कभी भी आपको पैसों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसी के साथ घर-परिवार में खुशहाली, सुख-शांति, वैभव और यश का वास होगा।
2024 में धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
29 अक्टूबर 2024 यनी धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी और धन्वंतरि जी की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम में 06 बजकर 30 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 12 मिनट तक है। जबकि कुबेर जी की पूजा शाम में 7 बजकर 15 मिनट से रात 8 बजकर 25 मिनट के बीच करनी शुभ रहेगी।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।