Dhan Ke Upay: नए साल के पहले दिन दूर्वा घास और तुलसी की मंजरी से करें ये उपाय, बटोर नहीं पाएंगे इतना आएगा धन!

Dhan Ke Upay: नए साल 2025 का पहला दिन यानी 1 जनवरी इस बार धन, व्यवसाय और आर्थिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। ज्योतिषियों और पंडितों के अनुसार, नए साल के पहले दिन दूर्वा घास और तुलसी की मंजरी से जुड़े कुछ उपायों को करने से इतना धन आ सकता है कि बटोरना मुश्किल हो सकता हैं। आइए जानते हैं, क्या हैं ये उपाय?

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Dhan Ke Upay: नए साल के पहले दिन कुछ लोग जहां मौज-मस्ती भरी एक्टिविटीज में एंगेज रहते हैं, तो कुछ लोग पहली जनवरी को धर्म-कर्म के कार्यों में व्यस्त रहते हैं। मौज-मस्ती में डूबे लोगों में से कुछ लोग दिन की शुरुआत भगवान के दर्शन और पूजा के साथ भी करते हैं। वहीं, कुछ लोग जो गुजरे हुए साल में कष्ट, परेशानी, कर्ज और तनाव में डूबे थे, वे साधना और देवी-देवताओं को प्रसन्न के करने के उपायों और टोटकों में मग्न हो सकते हैं। यदि आपका भी साल 2024 कुछ अच्छा नहीं गुजरा है या आपने यह सोच लिया है कि साल 2025 में धन की बारिश में नहाना है, यहां दूर्वा घास और तुलसी की ताजे मंजरी से जुड़े कुछ विशेष उपाय दिए गए हैं, जिससे आपके मन की बात पूरी हो सकती है।

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क्यों खास है 1 जनवरी 2025 का दिन?

नए साल 2025 की शुरुआत यानी 1 जनवरी का दिन बुधवार को पड़ रहा है। यह दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित है। भगवान गणेश ऋद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ के स्वामी हैं। वे विघ्न और बाधाओं को समाप्त कर जीवन को सुखमय बनाते हैं। इसलिए वे दुखहर्ता और सुखकर्ता कहलाते हैं। वहीं, बुध ग्रह वाणी, बुद्धि, व्यापार, धन लाभ, साझेदारी और मनोरंजन के कारक यानी स्वामी और नियंत्रक ग्रह हैं। बता दें कि गणेश जी और बुध ग्रह दोनों ही सुख, धन, समृद्धि और संपन्नता की बरकत के लिए प्रसिद्ध हैं।

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दूर्वा घास के उपाय

सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। भगवान गणेश की प्रतिमा के सामने 21 दूर्वा घास की गांठें अर्पित करें। दूर्वा को शुद्ध जल से धोकर अर्पित करें। इसके साथ ही ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें। यह उपाय हर प्रकार विघ्न और बाधाओं को दूर करेगा। स्वास्थ्य लाभ और धन की आमद तेज करने के लिए तिल के तेल की दीपक जलाने से लाभ होता है। इस उपाय से भगवान गणेश जल्द ही धन की बारिश कर सकते हैं, जिसे संभालना मुश्किल हो सकता है।

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तुलसी की मंजरी के उपाय

एक जनवरी को शुभ बनाने के लिए इस दिन भगवान विष्णु के साथ ही बुध ग्रह को तुलसी की ताजी मंजरी अर्पित करें। तुलसी के पत्तों को धोकर भगवान गणेश के चरणों में रखें और ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का जाप करें। बता दें कि ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को भगवान विष्णु के नारायण रूप का प्रतिनिधि माना गया है। इससे बुध ग्रह आपके काम के सफल होने में सहायक हो सकते हैं। अटके हुए काम बनने लगेंगे और रुका हुआ धन मिल सकता है। कर्ज से मुक्ति मिलती है।

संयुक्त प्रभावशाली उपाय

हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, बुधवार के दिन हरी मूंग की दाल और हरी सब्जियों का दान करने से जल्द ही लाभ होता है। इस दिन को आप न केवल पीले और हरे वस्त्र पहनें, बल्कि पीले रंग का भोजन करें। साथ ही बुधवार के दिन श्रीगणेश के बीज मानर और बुध ग्रह के मंत्र का जाप करें। ये उपाय आपके जीवन में खुशियों को कभी कम नहीं होने देंगी।

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इसके साथ ही, एक खास संयुक्त उपाय यह भी कर लें। आप दूर्वा और तुलसी के पत्तों को पीसकर चंदन से मिलाकर तिलक बना लें। इस तिलक को भगवान विष्णु और गणेश जी और बुध ग्रह के माथे पर लगाएं और इसके बाद आप भी इस चंदन धारण करें। ईश्वर कृपा से जल्द ही आपके पास शुभ समाचार आने शुरू हो जाएंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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