Clock Vastu Tips: वास्तु शास्त्र अनुसार घड़ी केवल समय बताने का साधन नहीं रहती. यह घर की ऊर्जा, दिनचर्या और मानसिक स्थिति पर असर डालती है. सही आकार, रंग और दिशा वाली घड़ी सकारात्मक माहौल बनाती है. गलत चुनाव से रुकावट और तनाव बढ़ सकता है. आइए जानते हैं, घर में किस 'शेप' की घड़ी है शुभ और अच्छी मानी जाती है और किस प्रकार की घड़ियां नहीं लगानी चाहिए?
गोल घड़ी
गोल आकार वाली घड़ी को सबसे शुभ माना जाता है. यह ऊर्जा के प्रवाह को आसान बनाती है. ऐसे डिजाइन से स्थिरता और नियमितता का भाव मिलता है. स्टडी रूम, लिविंग एरिया या शयन कक्ष के लिए यह विकल्प अच्छा रहता है. आधुनिक घरों के लिए यह सबसे सुरक्षित चयन माना जाता है.
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चौकोर घड़ी
चौकोर घड़ी जीवन अंदर संतुलन लाने का काम करती है. यह आकार स्थिर सोच और अनुशासन को बढ़ावा देता है. हॉल या ड्रॉइंग रूम की दीवार पर यह घड़ी सुंदर भी लगती है और वास्तु दृष्टि से लाभकारी भी रहती है.
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पेंडुलम घड़ी
पेंडुलम वाली घड़ी घर अंदर गति और सक्रियता बढ़ाती है. ड्रॉइंग रूम की पूर्व या उत्तर दीवार इसके लिए सही मानी जाती है. ध्यान रखें कि पेंडुलम की चाल हमेशा सुचारू हो, क्योंकि रुक-रुक कर चलने वाली घड़ी घर की ऊर्जा और कामों की रफ्तार को भी धीमा कर सकती है.
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खास डिजाइन वाली घड़ियां
अष्टकोणीय घड़ी परिवारिक सामंजस्य से जुड़ी मानी जाती है. ओवल डिजाइन मतभेद घटाने का संकेत देता है. दिल के आकार वाली घड़ी दंपति कक्ष के लिए उपयुक्त मानी जाती है. लेकिन, इन घड़ियों को काफी सोच-समझकर ही लगाना चाहिए.
न लगाएं ऐसी घड़ियां
नुकीले या अजीब आकार वाली घड़ियां अशुभ मानी जाती हैं. खराब या बंद घड़ी तुरंत हटाना उचित रहता है. काला, गहरा नीला या तेज लाल रंग नकारात्मक प्रभाव बढ़ा सकता है. किसी भी दरवाजे के ठीक ऊपर घड़ी लगाना भी वास्तु अनुसार सही नहीं माना जाता.
रंग और दिशा का सही तालमेल
हल्के रंग जैसे सफेद, क्रीम, हल्का नीला या हरा सकारात्मक ऊर्जा से जुड़े माने जाते हैं. लकड़ी के रंग प्राकृतिक संतुलन दर्शाते हैं. पूर्व दिशा नई शुरुआत से जुड़ी रहती है. पश्चिम दिशा स्वास्थ्य और अवसर का संकेत देती है. उत्तर दिशा धन और कार्य समय पर पूरा होने से जोड़ी जाती है.
छोटे बदलाव, बड़ा असर
घड़ी सही समय दिखा रही हो, यह सबसे जरूरी बात रहती है. नियमित सफाई और सही ऊंचाई पर लगाना भी जरूरी माना जाता है. वास्तु के अनुसार छोटा-सा बदलाव घर के माहौल को हल्का और सकारात्मक बना सकता है.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.