Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को महान कूटनीतिज्ञ और राजनेता कहा जाता है, जिनको जीवन के प्रत्येक दांव-पेंच पता थे। किस परिस्थिति में व्यक्ति क्या सोचेगा और उसका अगला कदम क्या होगा? इन सब बातों को चाणक्य बखूबी भांप लेते थे। मनुष्य का जीवन सुखमय हो सके। इसलिए उन्होंने ‘आचार्य चाणक्य नीति शास्त्र’ की रचना की थी। अगर आप इस किताब को पढ़ते हैं, तो आपको अपने जीवन में आ रही कई परेशानियों का समाधान मिल सकता है। इस किताब में चाणक्य ने बहुत ही सरल भाषा में अपने विचार को साझा किया है।
आज हम आपको आचार्य द्वारा बताए गए उन तीन लोगों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनसे दूरी बनाकर रखने में ही व्यक्ति की भलाई होती है। नहीं तो जिंदगीभर आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मूर्ख और दुखी व्यक्ति
आचार्य चाणक्य ने अपने “नीति शास्त्र” में बताया है कि मूर्ख और दुखी व्यक्ति से कभी भी किसी तरह का संबंध नहीं रखना चाहिए। ऐसे लोगों को कभी भी ज्ञान नहीं देना चाहिए, क्योंकि आप इन्हें कितनी भी बार कोई सही बात बताएं, ये हमेशा आपसे सवाल व तर्क करेंगे। इन लोगों के पीछे अपना समय और बुद्धि दोनों नष्ट करने से अच्छा है कि आप उनसे दूरी बनाकर रखें।
नास्तिक
चाणक्य ने अपने “नीति शास्त्र” में बताया है कि जो लोग हर समय परेशान रहते हैं और अपनी दिक्कतों के लिए भगवान को जिम्मेदार मानते हैं। हर समय देवी-देवताओं को कोसते हैं। ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखने में ही समझदारी होती है, क्योंकि ये लोग न तो खुद खुश रहते हैं और न ही अपने आसपास वाले लोगों को प्रसन्न रहने देते हैं। अगर आप नास्तिक लोगों के साथ रहते हैं, तो धीरे-धीरे आपके विचार भी बदल सकते हैं।
दुष्ट लोग
दुष्ट लोग यानी जो दूसरों को देखकर चिढ़ते हैं, अपने दोस्तों व परिवारवालों से बात-बात पर झगड़ा करते हैं, जिनके मन में लालच व ईर्ष्या है या उनका स्वभाव घमंडी होता है। उनसे हमेशा दूरी बनाकर रखनी चाहिए। अगर आप उनके साथ रहते हैं, तो आपको जीवनभर पछताना पड़ सकता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।