हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का खास महत्व है। प्रत्येक एकादशी के दिन देवी-देवताओं की पूजा करने के साथ व्रत रखना शुभ होता है। वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अपरा एकादशी का व्रत रखा जाता है, जिस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। विष्णु जी के साथ-साथ इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी की भी पूजा करना शुभ होता है।
मान्यता है कि जो लोग इस दिन उपवास रखते हैं, उन्हें अपनी परेशानियों से मुक्ति मिलती है और पुण्य प्राप्त होता है। इस साल 23 मई 2025, वार शुक्रवार को अपरा एकादशी का व्रत रखा जाता है। चलिए जानते हैं अपरा एकादशी व्रत से जुड़े जरूरी 9 नियमों के बारे में।
अपरा एकादशी व्रत के नियम
चावल का सेवन न करें
अपरा एकादशी के दिन व्रती को चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में एकादशी के शुभ दिन महर्षि मेधा का एक अंश धरती में समा गया था, जिस स्थान पर चावल उत्पन्न हुआ था। इसलिए एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित है। माना जाता है कि इस दिन व्रती यदि चावल का सेवन करते हैं तो उन्हें पाप लगता है।
एकादशी व्रत के दौरान दिन में सोने से बचें। इससे आपको पाप लग सकता है।
बेड-सोफे पर बैठने से बचें
जिन लोगों ने अपरा एकादशी का व्रत रखा है, उन्हें बेड या सोफे पर बैठने से बचना चाहिए। हालांकि जमीन पर चिटाई बिछाकर आप आराम कर सकते हैं।
मंदिर को गंदा न छोड़ें
अपरा एकादशी के दिन घर में मौजूद मंदिर की सफाई जरूर करनी चाहिए। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो इससे आपको वास्तु दोष लग सकता है।
बाल धोने से बचें
व्रत के दिन व्रती को बाल धोने से बचना चाहिए। यदि किसी कारण आप बाल धोते हैं तो शैंपू या साबुन का इस्तेमाल न करें। इससे आपको पाप लग सकता है।
तेल मालिश न करें
यदि आपने अपरा एकादशी का व्रत रखा है तो उस दिन बालों में तेल न लगाएं। यदि इस दिन आप तेल मालिश करते हैं तो इससे आपका व्रत खंडित हो सकता है।
तामसिक भोजन से बनाएं दूरी
यदि आपने अपरा एकादशी का व्रत रखा है तो इस दिन प्याज-लहसुन जैसे तामसिक भोजन और मांस मदिरा का सेवन करने से बचें। इसके अलावा जड़ों में उगने वाली सब्जियों को भी न खाएं। इन चीजों को घर में बनाने व लाने से भी बचें। यदि आप इस नियम का उल्लंघन करते हैं तो आपको विष्णु जी के क्रोध का सामना करना पड़ सकता है।